

Share Market Today: अमेरिका और ईरान के ने एक बार फिर एक-दूसरे पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसका असर आज भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ नजर आया। हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में खुला। इस बीच सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 0.40 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,264.51 से 133.78 अंक यानी 0.17 प्रतिशत गिरकर 77,130.73 पर खुला। वहीं शुरुआती कारोबार में यह 367.58 अंक यानी 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,896.93 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।
वहीं, एनएसई निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,175.65 से मामूली 58.10 अंक यानी 0.24 प्रतिशत फिसलकर 24,117.55 पर खुला, हालांकि शुरुआती कारोबार में यह एक समय 137.25 अंक यानी 0.56 प्रतिशत गिरकर 24,038.40 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स करीब 311 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,942 के स्तर पर ट्रेड करते हुए नजर आया। वहीं निफ्टी 50 113.65 (0.47 प्रतिशत) फिसलकर 24,062 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को निफ्टी 50 में दो सत्रों की गिरावट के बाद 0.35 प्रतिशत की रिकवरी जरूर देखने को मिली थी, लेकिन यह तेजी सीमित दायरे में रही। सूचकांक अभी भी 23,606 से 24,774 तक की तेजी के 50 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर और अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से नीचे बना हुआ है। ऐसे में बाजार की व्यापक तकनीकी तस्वीर अभी भी सतर्कता का संकेत दे रही है।
निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर सबसे महत्वपूर्ण और निकटतम सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि इसके नीचे 23,800 का स्तर अगला प्रमुख सपोर्ट है। दूसरी ओर, 24,300 से 24,400 के बीच का क्षेत्र तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र के रूप में उभर रहा है। यदि निफ्टी 24,400 के ऊपर टिकाऊ बढ़त दर्ज करता है, तभी तकनीकी स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा और सूचकांक 24,800 की ओर बढ़ सकता है।
इस बीच, इंडिया वीआईएक्स में 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 10.68 पर आ गया। पिछले लगभग एक महीने से यह अपने अल्पकालिक मूविंग एवरेज के नीचे बना हुआ है। कम अस्थिरता का यह माहौल बाजार के तेजी वाले निवेशकों को कुछ राहत देता है और संकेत देता है कि फिलहाल शेयर बाजार अत्यधिक निकट अवधि की अस्थिरता की आशंका नहीं जता रहा है।
एक्सपर्ट ने आगे कहा कि डेरिवेटिव आंकड़ों की बात करें तो निफ्टी का पुट-कॉल रेशियो (पीसीआर) शुक्रवार को बढ़कर 0.89 हो गया, जो पिछले सत्र में 0.77 था। 0.7 से ऊपर का स्तर बाजार की धारणा में कुछ सुधार का संकेत देता है, लेकिन यह अभी भी 1 से नीचे है। इसका मतलब है कि तेजी का रुझान अभी इतना मजबूत नहीं हुआ है कि उसे स्पष्ट ट्रेंड रिवर्सल माना जा सके।
-एजेंसी इनपुट के साथ