मिडिल ईस्ट में तनाव से सहमा Share Market, सेंसेक्स 200 अंक लुढ़का, निफ्टी की भी हालत खराब

Share Market Down: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध की आहट से भारतीय शेयर बाजार सहम गया है। सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट के बीच निवेशकों के करोड़ों रुपये स्वाहा, बैंकिंग सेक्टर में सबसे ज्यादा कोहराम।
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शेयर मार्केट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Today: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव बढ़ने से मंगलवार को एक बार फिर भारतीय शेयर बाजार लाल निशान के साथ खुले। बाजार खुलते ही दोनों प्रमुख सूचकांकों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिली। सुबह सेंसेक्स 165.65 अंक या 0.21 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 77,103.72 और निफ्टी 66.70 अंक या 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,052.60 पर था। 

शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट का नेतृत्व बैंकिंग सेक्टर कर रहा था। निफ्टी बैंक 258 अंक या 0.47 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 54,619 पर था। इसके अलावा निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इन्फ्रा और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स टॉप लूजर्स थे। वहीं, निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी FMCG और निफ्टी एनर्जी गेनर्स रहे।

सेंसेक्स में बकवाली का रहा जोर

सेंसेक्स की बात करें तो इसमें भी बिकवाली साफ नज़र आई। मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फिनसर्व, सन फार्मा, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, इंडिगो और एचटीएल टेक लूजर्स थे। जबकि सेंसेक्स पैक में इन्फोसिस, टीसीएस, आईटीसी, एचयूएल, टेक महिंद्रा और टाइटन टॉप गेनर्स थे।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में छाई मंदी

भारतीय शेयर बाजार के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजारों की बात करें तो  ज्यादातर वैश्विक बाजारों में गिरावट के साथ कारोबार हो रहा था। ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग जैसे बड़े बाजार लाल निशान में खुले थे, जबकि बैंकॉक और जकार्ता में लाल निशान में कारोबार हो रहा था। राष्ट्रीय छुट्टियों के कारण जापान और शंघाई के बाजार बंद हैं। अमेरिका के बाजार सोमवार को लाल निशान में बंद हुए।

मिडिल ईस्ट का तनाव बना गिरावट का कारण

मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव बढ़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनकी सेना ने ईरान के 7 छोटे जहाजों को डुबो दिया है।  ट्रंप ने बताया कि यह हमला उस समय किया गया था, जब यह छोटे जहाज होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमला कर रही थीं। हालांकि, ईरान ने कोई जवाब नहीं दिया है, लेकिन दावा किया है कि हॉर्मुज पर उसका ही कंट्रोल है।

हालांकि, तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में बिकवाली देखी जा रही है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड 2.02 प्रतिशत की गिरावट के साथ 104.3 डॉलर प्रति बैरल और ब्रेंट क्रूड 1.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 113.2 डॉलर प्रति बैरल पर था। 

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