दलाल स्ट्रीट पर दिवाली की तैयारी, 2026 के अंत तक 95 हजार के पार जाएगा सेंसेक्स; रिपोर्ट का दावा

Share Market: सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों की कमाई साल 2028 तक हर साल 17% की दर से बढ़ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। शेयर बाजार की कीमतें ब्याज दरों की तुलना में बेहतर दिख सकती हैं।
Sensex top-10 companies market cap
शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Sensex Outlook 2026: भारत का शेयर बाजार आने वाले समय में अच्छा-खासा मुनाफा दे सकता है। मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर बाजार, सही कीमत पर शेयरों की उपलब्धता और ग्रोथ साइकिल के चलते भारतीय शेयर बाजार में तेजी की संभावना जताई गई है। बुधवार को जारी एमएस रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएसई सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके इस लेवल तक पहुंचने की 50 प्रतिशत संभावना है। इसका मतलब है कि सेंसेक्स में लगभग 13 प्रतिशत की बढ़त देखी जा सकती है।

रिपोर्ट में माना गया है कि सरकार खर्च पर नियंत्रण बनाए रखेगी, निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा और देश की आर्थिक वृद्धि दर ब्याज दरों से बेहतर रहेगी। इन सभी कारणों से शेयर बाजार को सपोर्ट मिलेगा।

17% की रेट से बढ़ सकती है कमाई

रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों की कमाई साल 2028 तक हर साल लगभग 17 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा। रिसर्च में कहा गया है कि पिछले करीब पांच वर्षों में पहली बार शेयर बाजार की कीमतें ब्याज दरों की तुलना में बेहतर दिख रही हैं, जिससे शेयरों में आगे और बढ़त की संभावना बनती है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता वस्तुओं और उद्योग क्षेत्र में करीब 300 बेसिस प्वाइंट्स, जबकि वित्तीय क्षेत्र में लगभग 200 बेसिस प्वाइंट्स की अतिरिक्त तेजी आ सकती है। इसकी वजह शहरों में मांग का बढ़ना, जीएसटी दरों में कटौती, सरकार का ज्यादा खर्च, कर्ज में बढ़ोतरी और कम कर्ज नुकसान है।

सेविंग को शेयर मार्केट में निवेश की होड़

रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज विकास, कम उतार-चढ़ाव और घटती ब्याज दरों के चलते लोग बचत को शेयर बाजार में लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इससे बाजार को और मजबूती मिल रही है। सरकार द्वारा रेपो रेट में कटौती, कैश रिजर्व रेशियो में कमी, बैंकों के नियमों में आसानी और बाजार में तरलता बढ़ाने जैसे कदमों से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।

बाजार में कैसा होगा असर

इसके अलावा, सरकार द्वारा पहले से किया गया पूंजी खर्च, लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती, चीन के साथ संबंधों में सुधार और वहां की नई नीतियां भी बाजार के लिए फायदेमंद मानी गई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी होती है या दुनिया में राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इससे शेयर बाजार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

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