रुपये में बडी गिरावट: पहली बार डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के पार, जानिए क्या है गिरावट की वजह

Rupee Slumps Reasons: भारतीय रुपया बुधवार को पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.02 रुपए के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचा। बैंकों की डॉलर खरीद, पूंजी निकासी और कमजोर बाजार से दबाव बढ़ा।
Rupee Slumps Reasons
रुपया पहली बार डॉलर के मुकाबले 90.02 रुपए के ऐतिहासिक निचले स्तर पर (सोर्स- सोशल मीडिया)
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USD INR Exchange Rate Today: भारतीय रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक रूप से कमजोर हो गया। यह पहली बार हुआ है जब विनिमय दर 90 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई है। शुरुआती कारोबार में यह छह पैसे टूटकर 90.02 प्रति डॉलर पर पहुंच गया, जो रुपये के लिए एक नया रिकॉर्ड निचला स्तर है। हालांकि डॉलर में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने इस तेज गिरावट को थोड़ा कम किया।

डॉलर के मुकाबले रुपये का 90 का ऐतिहासिक आंकड़ा पार

भारतीय रुपया (Indian Rupee) ने बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले (US Dollar) एक नया और ऐतिहासिक निचला स्तर छू लिया। शुरुआती कारोबार में रुपया छह पैसे कमजोर होकर 90.02 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इसका सीधा मतलब है कि अब एक अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए आपको ₹90 से भी ज्यादा चुकाने होंगे। यह पहली बार है जब रुपये ने 90 के स्तर को पार किया है। इंटर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में यह 89.96 पर खुला था और कारोबार के दौरान फिसलकर 90.15 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर को भी छू गया, हालांकि बाद में थोड़ा संभल गया।

रुपये पर दबाव के मुख्य कारण

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, रुपये पर इस भारी दबाव के दो मुख्य कारण सामने आए हैं। पहला, बैंकों द्वारा ऊंचे स्तर पर अमेरिकी डॉलर की लगातार खरीद जारी रखना। दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण कारण है विदेशी पूंजी की निकासी (Foreign Capital Outflow)। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजारों से लगातार पैसा निकाल रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, मंगलवार को एफआईआई ने शुद्ध रूप से 3,642.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे, जिससे रुपये पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इससे पहले मंगलवार को भी रुपया 43 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 89.96 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

गिरावट थामने वाले कारक

जहां एक ओर रुपये पर दबाव बना हुआ है, वहीं कुछ वैश्विक कारकों ने इस तेज गिरावट को थोड़ा संभालने का काम भी किया है। इनमें पहला, अमेरिकी डॉलर सूचकांक (Dollar Index) में आई मामूली गिरावट है, जो प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की कमजोरी को दर्शाता है। डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत गिरकर 99.22 पर रहा। दूसरा सकारात्मक पहलू यह रहा कि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमतें 0.03 फीसदी की गिरावट के साथ 62.43 डॉलर प्रति बैरल पर रहीं। कच्चे तेल की सस्ती कीमतें रुपये के लिए थोड़ी राहत लाती हैं, क्योंकि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है।

घरेलू शेयर बाजार का हाल

रुपये की कमजोरी के साथ-साथ घरेलू शेयर बाजार (Share Market) में भी निराशा का माहौल रहा। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स (Sensex) 165.35 अंक टूटकर 84,972.92 अंक पर और निफ्टी (Nifty) 77.85 अंक फिसलकर 25,954.35 अंक पर कारोबार कर रहा था। सुबह 9:30 बजे के करीब सेंसेक्स 250 प्वाइंट से ज्यादा और निफ्टी 100 से ज्यादा अंक नीचे चला गया था। शेयर बाजार में यह गिरावट भी निवेशकों के नकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी की बिकवाली को दर्शाती है।

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