Retail Inflation : महंगाई हुई धाराशाई, जनवरी महीने में रिटेल इंफ्लेशन घटकर 5 महीने के निचले स्तर पर पहुंची
शहरी मुद्रास्फीति जनवरी में गिरकर 3.87 प्रतिशत रह गई, जो दिसंबर, 2024 में 4.58 प्रतिशत थी। खाद्य मुद्रास्फीति घटकर जनवरी, 2025 में 5.53 प्रतिशत रह गई, जो दिसंबर में 7.9 प्रतिशत थी।
- Written By: अपूर्वा नायक
मुद्रास्फीति (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : जनवरी महीने में रिटेल इंफ्लेशन में कमी आयी है। ये घटकर 4.31 प्रतिशत पर आ गयी है, जो 5 महीनों का सबसे निचली स्तर है। ये गिरावट प्रमुख रूप से सब्जियों, अंडों और दालों की कीमतें घटने के कारण आयी है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई पर आधारित रिटेल इंफ्लेशन दिसंबर, 2024 में 5.22 प्रतिशत और जनवरी, 2024 में 5.1 प्रतिशत पर रही थी।
इससे पहले सबसे कम इंफ्लेशन अगस्त, 2024 में 3.65 प्रतिशत थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई अक्टूबर से ही गिरावट पर है। जनवरी में फूड इंफ्लेशन 6.02 प्रतिशत थी, जो अगस्त, 2024 के 5.66 प्रतिशत के बाद सबसे कम थी।
सबसे कम इंफ्लेशन
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी एनएसओ के आंकड़ों से पता चला है कि दिसंबर, 2024 की तुलना में जनवरी, 2025 की कुल मुद्रास्फीति में 0.91 प्रतिशत की गिरावट आयी है और ये अगस्त, 2024 के बाद सालाना आधार पर सबसे कम इंफ्लेशन है।
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सबसे ज्यादा इंफ्लेशन वाली टॉप 5 चीजें
आंकड़ों के अनुसार, सालाना आधार पर सबसे ज्यादा इंफ्लेशन वाली टॉप 5 चीजें- नारियल तेल (54.2 प्रतिशत), आलू (49.61 प्रतिशत), नारियल (38.71 प्रतिशत), लहसुन (30.65 प्रतिशत), मटर (30.17 प्रतिशत) थीं। दूसरी ओर, जनवरी में सालाना आधार पर सबसे कम मुद्रास्फीति वाली प्रमुख वस्तुएं जीरा (-32.25 प्रतिशत), अदरक (-30.92 प्रतिशत), सूखी मिर्च (-11.27 प्रतिशत), बैंगन (-9.94 प्रतिशत), घरेलू गैस (-9.29 प्रतिशत) थीं।
आरबीआई रेपो रेट
सरकार ने केंद्रीय बैंक आरबीआई को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया हुआ है कि रिटेल इंफ्लेशन 2 प्रतिशत की घट-बढ़ के साथ 4 प्रतिशत पर बनी रहे। इंफ्लेशन में आयी हालिया नरमी को ध्यान में रखते हुए पिछले सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई ने नीतिगत दर यानी रेपो रेट में 5 साल के गैप के बाद 0.25 प्रतिशत की कटौती की।
कुल और फूड इंफ्लेशन
एनएसओ ने कहा कि जनवरी, 2025 में ग्रामीण क्षेत्र में कुल और फूड इंफ्लेशन में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई। जनवरी में यह 4.64 प्रतिशत थी, जबकि दिसंबर में यह 5.76 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्र में फूड इंफ्लेशन जनवरी में 6.31 प्रतिशत थी, जो दिसंबर, 2024 में 8.65 प्रतिशत थी। इसी तरह, शहरी मुद्रास्फीति जनवरी में 3.87 प्रतिशत रह गई जो दिसंबर 2024 में 4.58 प्रतिशत थी। शहरों में फूड इंफ्लेशन दिसंबर में 7.9 प्रतिशत से घटकर जनवरी, 2025 में 5.53 प्रतिशत रह गई।
मुद्रास्फीति में गिरावट
इसी तरह, शहरी मुद्रास्फीति जनवरी में गिरकर 3.87 प्रतिशत रह गई, जो दिसंबर, 2024 में 4.58 प्रतिशत थी। खाद्य मुद्रास्फीति घटकर जनवरी, 2025 में 5.53 प्रतिशत रह गई, जो दिसंबर में 7.9 प्रतिशत थी। एनएसओ ने कहा है कि जनवरी, 2025 में कुल इंफ्लेशन और फूड इंफ्लेशन में उल्लेखनीय गिरावट मुख्य रूप से सब्जियों, अंडों, दालों एवं उत्पादों, अनाज एवं उत्पादों, शिक्षा, कपड़े और स्वास्थ्य की मुद्रास्फीति में गिरावट के कारण है।
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आंकड़ों से पता चला कि जनवरी में राष्ट्रीय औसत से अधिक मुद्रास्फीति वाले टॉप 5 राज्य केरल (6.76 प्रतिशत), ओडिशा (6.05 प्रतिशत), छत्तीसगढ़ (5.85 प्रतिशत), हरियाणा (5.1 प्रतिशत) और बिहार (5.06 प्रतिशत) थे। वहीं जनवरी में सबसे कम इंफ्लेशन दिल्ली में 2.02 प्रतिशत रही। इन आंकड़ों पर रेटिंग एजेंसी इक्रा की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा कि रिटेल इंफ्लेशन उम्मीद से कहीं ज्यादा तेजी से घटकर 5 महीने के निचले स्तर पर आ गई, जिसका मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं में नरमी रही। इस गिरावट ने नीतिगत ब्याज दर में कटौती के आरबीआई के फैसले की भी पुष्टि की।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
