

RBI Action On Paytm Payments Bank: भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। दरअसल, केंद्रीय बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को आरबीआई एक्ट, 1934 की सेकंड शेड्यूल्ड यानी शेड्यूल्ड बैंकों की लिस्ट से आधिकारिक तौर पर बाहर कर दिया है।
आरबीआई के अनुसार, पेटीएम पेमेंट्स बैंक को सेंकड शेड्यूल्ड से बाहर करने करने का फैसला 31 जुलाई 2026 के नोटिफिकेशन के तहत लिया गया था। हालांकि, बाद में 7 सितंबर 2026 को भारत का राजपत्र (Gazette of India) के भाग-3, अनुभाग- 4 में प्रकाशित किया गया।
आरबीआई अधिनियम की सेकंड शेड्यूल्ड में उन बैंकों को शामिल किया जाता है, जिन्हें सेंट्रल बैंक शेड्यूल्ड बैंकों के तौर पर मान्यता देता है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ यह कार्रवाई उनकी बैंकिंग लाइसेंस कैंसल किए जाने के बाद आया है।
आरबीआई ने अप्रैल 2026 में बैंक का लाइसेंस रद्द किया था। बैंकिंग लाइसेंस कैंसल होने के बाद पेटीएण पेमेंट्स बैंक के बिजनेस को बंद करने के प्रोसेस आगे बढ़ी और अब शेड्यूल्ड बैंकों की लिस्ट से बाहर किए जाने के साथ बैंक के रेग्युलेटरी स्थिति में एक बड़ा औपचारिक बदलाव आया है।
बता दें कि Paytm Payments Bank पर सेंट्रल बैंक की यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई थी। बैंक लंबे समय से आरबीआई की निगरानी में था। मार्च 2022 में भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक को नए ग्राहकों को जोड़ने पर पूरी तरह से रोक लगा दिया था। उस दौरान आरबीआई ने बैंक के कुछ अहम निगरानी मुद्दों का हवाला दिया था।
इसके बाद जनवरी और फरवरी 2024 में RBI ने Paytm Payments Bank पर और कड़े प्रतिबंध लगाए थे। केंद्रीय बैंक ने बैंक को नए जमा स्वीकार करने, क्रेडिट लेन-देन या टॉप-अप करने से रोक दिया था। ये पाबंदियां ग्राहक खातों, प्रीपेड उपकरणों और वॉलेट्स पर भी लागू की गई थीं।
इन उपायों के चलते Paytm Payments Bank की बैंकिंग सेवाएं काफी हद तक सीमित हो गई थीं और कंपनी को अपने व्यापार के कई हिस्सों के लिए अन्य विकल्प तलाशने पड़े थे।
पेटीएम पेमेंट्स बैंक, विजय शेखर शर्मा द्वारा प्रमोट की गई फिनटेक कंपनी पेटीएम की एक इकाई है। बैंक पर लगातार रेगुलेटरी निगरानी और कार्रवाई के कारण इसका संचालन प्रभावित हुआ।