धीरूभाई अंबानी के जन्मदिन पर रिलायंस ने किया ये बड़ा काम, कई लोगों को मिलेगी मदद
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बताया है कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस स्ट्रैटेजिक बिजनेस वेंचर्स यानी आरएसबीवीएल ने जरूरी शेयरों के आवंटन के साथ कर्किनोस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
रिलायंस इंडस्ट्रीज (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : देश के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस ने आज एक बड़ा काम किया है। बताया जा रहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने टेक्नोलॉजी बेस्ड हेल्थ केयर प्लेटफॉर्म कर्किनोस का 375 करोड़ रुपये में अधिग्रहण किया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया है कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी रिलायंस स्ट्रैटेजिक बिजनेस वेंचर्स यानी आरएसबीवीएल ने जरूरी शेयरों के आवंटन के साथ कर्किनोस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड का अधिग्रहण पूरा कर लिया है।
टेक्नोलॉजी बेस्ड सोल्यूशन
कार्किनोस का गठन 24 जुलाई, 2020 को भारत में किया गया था और कंपनी कैंसर का जल्द से जल्द पता लगाने और इलाज के लिए टेक्नोलॉजी बेस्ड सोल्यूशन मुहैया कराती है। इसके पिछले प्रमुख निवेशकों में इवर्ट इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड यानी टाटा संस की 100 प्रतिशत सहायक कंपनी, रिलायंस डिजिटल हेल्थ लिमिटेड यानी रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक सहायक कंपनी, मेयो क्लिनिक यानी यूएस, सुंदर रमन यानी रिलायंस फाउंडेशन यूथ स्पोर्ट्स के निदेशक और रवि कांत यानी टाटा मोटर्स के पूर्व एमडी शामिल थे।
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अस्पतालों के साथ साझेदारी
कंपनी कैंसर का जल्दी पता लगाने और प्रभावी उपचार से संबंधित सेवाएं देती है, जिनकी कीमत मौजूदा दरों से काफी कम है। इसके बावजूद कंपनी अच्छा लाभ कमा रही है। कंपनी ने दिसंबर 2023 तक लगभग 60 अस्पतालों के साथ साझेदारी की है।
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महत्वपूर्ण कदम
आज रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक धीरूभाई अंबानी का जन्मदिन है। ऐसे में रिलायंस कंपनी का ये फैसला काफी बड़ा साबित हो सकता है। धीरूभाई ने टेक्सटाइल के साथ साथ पेट्रोकेमिकल, रिफाइनिंग और अन्य सेक्टरों में भी कदम रखा था। इसके माध्यम से ना सिर्फ रिलायंस इंडस्ट्री का बिजनेस बढ़ा बल्कि इसके जरिए लाखों लोगों को रोजगार मिला है। उनकी दूरदृष्टि और लीडिंग क्वालिटी ने साल 2000 तक रिलायंस को भारत की नंबर 1 कंपनी बना दिया था, जिसकी वैल्यूएशन 62 हजार करोड़ रुपये थी। रिलायंस के इस कदम से कैंसर पेशेंट्स को काफी मदद मिल सकती है। साथ ही इसके कारण कई लोगों को रोजगार का अवसर भी मिल सकता है। ये हेल्थकेयर सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
