PAN 2.0 को लाने की ये है असली वजह, आम आदमी का होगा काम आसान
पैन 2.0 के अंतर्गत आपका पैन कार्ड आपके पहचान के रुप में काम करेगा, इसके अलावा आपको किसी भी अलग आईडी की जरूरत नहीं होगी। पिछले कई सालों से कॉमन आइडेंटिफायर नंबर की मांग को अब पूरा किया जा रहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
पैन कार्ड (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : केंद्र सरकार जल्द ही पैन कार्ड में अपडेट करने की योजना बना रही है। सरकार ने इसके लिए पैन 2.0 नाम से योजना शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत आप पैन कार्ड से जुड़ी कई नए अपडेट के बारे में जान सकते हैं। अगर आप ये सोच रहे है कि इस योजना को लाने की पीछे की क्या वजह हो सकती है, तो आइए हम आपको इसके बारे में जानकारी देते हैं।
पैन 2.0 योजना को लाने के पीछे की असली वजह पैन से जुड़ी जटिल समस्याओं का हल करना है। साथ ही पैन कार्ड में अपडेट करने से आम आदमी और सरकार दोनों का काम आसान हो सकता है। सरकार पैन 2.0 को लाकर इसे मल्टी पर्पस बनाना चाहती है।
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डिजिटल इंडिया के इस युग में एक इंसान के पास कई प्रकार के रजिस्ट्रेशन होते हैं। इसमें ईपीएफओ, जीएसटीएन और पैन जैसी वस्तुओं का समावेश होता है। इन सभा का एक ही नंबर होता है। साथ ही इन सभी नंबरों पर नजर रख पाना भी काफी मुश्किल है। इसीलिए सरकार एक ऐसे कॉमन आइडेंटिफायर नंबर को लाना चाहती है, जिसके कारण आसानी से व्यक्ति की पहचान की जा सकती है। पिछले कई सालों से कॉमन आइडेंटिफायर नंबर की मांग चल रही थी, जिसे सरकार ने अब जाकर पूरा किया है।
टैक्सपेयर्स को होगा फायदा
पैन 2.0 के अंतर्गत आपका पैन कार्ड आपके पहचान के रुप में काम करेगा, इसके अलावा आपको किसी भी अलग आईडी की जरूरत नहीं होगी। इसका सीधा फायदा टैक्सपेयर्स और बिजनेस को होगा क्योंकि अक्सर पैन का उपयोग जीएसटी फाइलिंग, कॉर्पोरेट रजिस्ट्रेशन और आयकर सेवाओं के लिए किया जाता है। इससे आपका बिजनेस आसानी से ऑपरेट करेगा, क्योंकि इसके लिए आपको अलग आईडी की जरूरत नहीं होगी।
इसके अलावा पैन कार्ड को आधार और जीएसटीएन के साथ जोड़ा जाएगी, जिसमें रिफंड, अप्रूवल और फाइलिंग जैसी प्रोसेस जल्दी से हो सकती है। अब आपको एक ही पोर्टल से सारी सर्विस दी जाएगी, जिसका सीधा मतलब है कि अब आपको तीन अलग-अलग पोर्टल्स जैसे की ई-फाइलिंग पोर्टल, यूटीआईआईटीएसएल पोर्टल और प्रोटीन ई-गवर्नेंस पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं होगी।
