GDP Of India: एसएंडपी ने जारी की भारत के लिए जीडीपी ग्रोथ, जानें इस रेटिंग में क्या हैं खास

रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने भारतीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी ग्रोथ रेट को लेकर रिपोर्ट जारी की है। जिसके आधार पर ये पता चला है कि ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी और ग्लोबल अनिश्चितताओं के कारण भारत की जीडीपी घट सकती है।
रेटिंग एजेंसी S&P Global ने हाल ही में देश के टॉप 10 फाइनेंशियल इंस्टीट्यूट्स की क्रेडिट रेटिंग को अपग्रेड किया है। जिसमें HDFC Bank, ICICI Bank, Axis Bank जैसी कंपनियों का नाम शामिल हैं।
एसएंडपी ग्लोबल (सौजन्य : सोशल मीडिया)
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नई दिल्ली: दुनिया की जानी मानी रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल ने भारतीय अर्थव्यवस्था के जीडीपी आंकड़े को लेकर एक रिपोर्ट जारी की है। जिसमें ये बताया गया है कि ग्लोबल कारकों के कारण भारत के जीडीपी ग्रोथ रेट में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की जा सकती हैं, जिसके कारण ये घटकर 6.3 प्रतिशत तक होने का अनुमान लगाया जा रहा है। एडएंडपी ने कहा है कि भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2025-26 में 6.3 प्रतिशत और 2026-27 में 6.5 प्रतिशत तक रहने की संभावना है।

पीटीआई की खबर के अनुसार, एसएंडपी का अनुमान है कि एशिया-प्रशांत की मुख्य इकोनॉमीज में से चीन की ग्रोथ रेट वित्त वर्ष 2025-26 में 0.7 प्रतिशत से घटकर 3.5 प्रतिशत तक रह सकती है और साल 2026 में से 3 प्रतिशत तक आ सकती है।

इस कारण से घटाया अनुमान

खबर के अनुसार, एसएंडपी ने कहा कि भारत के लिए अनुमान में कटौती अमेरिका की टैरिफ पॉलिसी पर कायम अनिश्चितता और इकोनॉमी पर इसके नेगेटिव असर को देखते हुए की गई है। एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में संरक्षणवादी पॉलिसी के उभार को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे परिदृश्य में कोई भी देश विनर नहीं बनता है। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने मार्च महीने में लगाए अपने पिछले अनुमान में भी भारत की जीडीपी ग्रोथ के वित्त वर्ष 2025-26 में 6.7 प्रतिशत से घटकर 6.5 प्रतिशत रहने की बात कही थी। बिजनेस की अन्य खबरें पढ़ने के लिए यहां पर क्लिक करें

रिस्क काफी नेगेटिव बने हुए हैं

रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने कहा कि हमारे बुनियादी पूर्वानुमानों के लिए रिस्क काफी नेगेटिव बने हुए हैं। टैरिफ झटके से इकोनॉमीज पर उम्मीद से कहीं ज्यादा नेगेटिव असर पड़ सकता है। ग्लोबल इकोनॉमीज की लॉन्ग टर्म संरचना, जिसमें अमेरिका की भूमिका भी शामिल है, वह भी तय नहीं है। रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की एक्सचेंज रेट के साल 2025 के अंत में 88.00 रुपये प्रति डॉलर तक रहने की आशंका जतायी है जो साल 2024 के अंत में 86.64 रुपये प्रति डॉलर था।

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