स्मॉल सेविंग स्कीम्स पर सरकार का बड़ा ऐलान, PPF और SSY में मिलेगा इतना ब्याज

वित्त मंत्रालय हर तिमाही में स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करता है, जो सरकारी बॉन्ड यील्ड और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर होती है।
Interest rate on Small Savings Schemes
प्रतीकात्मक तस्वीर
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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने स्मॉल सेविंग स्कीम्स (Small Saving Schemes) पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है, यानी अभी तक आपको जितनी ब्याज दरें मिल रही थीं, उतनी ही आगे मिलनी जारी रहेंगी। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य लोगों को सेविंग्स के लिए बढ़ावा देना है। ये योजनाएं छोटे निवेशकों, सीनियर सिटीजन, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को ध्यान में रखकर बनाई गई हैं। इन स्कीम्स में निवेश पर सरकार एक निश्चित ब्याज दर देती है, जो तिमाही आधार पर तय की जाती है।

भारत सरकार की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2025) के लिए स्मॉल सेविंग स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। इन स्कीम्स में पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी कि (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना (SSY), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC) और पोस्ट ऑफिस फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जैसी योजनाएं हैं। वित्त मंत्रालय ने 30 जून को एक अधिसूचना जारी करते हुए यह जानकारी दी है। जिसमें बताया गया है कि ये दरें पिछले तिमाही के समान रहेंगी।

किस योजना पर कितना ब्याज दर

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1% की वार्षिक ब्याज दर, जो लंबी अवधि की बचत के लिए काफी चर्चित है।
  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): 8.2% की आकर्षक ब्याज दर, जो बेटियों की शिक्षा और विवाह के लिए मददगार साबित हो सकता है।
  • सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): 8.2% की ब्याज दर, जो वरिष्ठ नागरिकों के लिए सुरक्षित निवेश का मौका देती है।
  • नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC): 7.7% की ब्याज दर, जो मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए काफी लोकप्रिय है।
  • पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (FD): 1 से 5 वर्ष की अवधि के लिए 6.9% से 7.5% तक की ब्याज दरें मिल जाती हैं।
  • किसान विकास पत्र (KVP): 7.5% की ब्याज दर, जो 115 महीनों में निवेश को दोगुना करने का वादा करता है।
  • महिला सम्मान बचत पत्र (MSSC): 7.5% की ब्याज दर, जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई है।

ब्याज दरों में क्यों नहीं हुआ बदलाव?

बता दें कि वित्त मंत्रालय हर तिमाही में स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों की समीक्षा करता है, जो सरकारी बॉन्ड यील्ड और आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर होती है। यह लगातार छठी तिमाही है जब सरकार की ओर से इन योजनाओं के ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक और घरेलू आर्थिक स्थिरता, महंगाई के स्तर और रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति के कारण इसमें बदलाव की जरूरत नहीं पड़ी। इन योजनाओं की स्थिर ब्याज दरें निवेशकों को निश्चितता प्रदान करती हैं, खासकर उन लोगों को जो बिना किसी रिस्क के निवेश को प्राथमिकता देते हैं।

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