वित्त मंत्री ने की ऑस्ट्रिया की कंपनियों से भारत में इंवेस्ट करने की अपील, बोली – एशिया के लिए बेस्ट एंट्री प्वाइंट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत और ऑस्ट्रिया के बीच होने वाली राउंड टेबल मीटिंग में कहा है कि मैंने ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन में उभरते जैसे अवसरों का जिक्र किया।
- Written By: अपूर्वा नायक
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सौ. सोशल मीडिया एक्स )
नई दिल्ली : भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इन दिनों ऑस्ट्रिया दौरे पर हैं। इस दौरान शुक्रवार को उन्होंने ऑस्ट्रियाई कंपनियों से भारत में इंवेस्ट करने की रिक्वेस्ट की है, क्योंकि ये नए और उभरते सेक्टरों में कई अवसर प्रदान करता है।
ऑस्ट्रिया की यात्रा पर गई सीतारमण ने राजधानी वियना में भारत-ऑस्ट्रिया व्यापार राउंड टेबल मीटिंग को संबोधित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रियाई कंपनियों को भारत द्वारा प्रदान किए जाने वाले कई अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने इकोनॉमिक ग्रोथ और समानता में तेजी लाने के साथ कारोबारी सुगमता को सुनिश्चित करने के लिए किए गए सुधारों की वजह से जबरदस्त प्रगति की है।
वित्त मंत्री ने कहा है कि मैंने ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक व्हीकल, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और इनोवेशन में उभरते जैसे अवसरों का जिक्र किया। भारत एशिया और ग्लोबल साउथ के लिए एक उत्कृष्ट एंट्री प्वाइंट है।
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सीतारमण ने ऑस्ट्रिया के व्यापार प्रतिनिधियों से कहा कि भारत और ऑस्ट्रिया के बीच मजबूत इकोनॉमिक और कमर्शियल पार्टनरशिप की संभावनाएं बहुत उज्ज्वल हैं। उन्होंने कहा कि कई ऑस्ट्रियाई कंपनियों ने भारत में बेहतरीन डिजिटल और आईटी स्किल्स का लाभ उठाने के लिए भारत में क्षमता केंद्र स्थापित किए हैं।
वित्त मंत्री ने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह भारत-ऑस्ट्रिया पार्टनरशिप में, खासकर इकोनॉमिक और कमर्शियल रिलेशन्स को और ज्यादा ऊंचाई पर ले जाने में एक मील का पत्थर था। उन्होंने ऑस्ट्रियाई अर्थव्यवस्था मंत्री और वित्त मंत्री के साथ अपनी द्विपक्षीय बैठक के दौरान फाइनेंशियल, इकोनॉमिकल, ट्रेड और इंवेस्टमेंट सेक्टर्स में भारत-ऑस्ट्रिया साझेदारी से संबंधित कई मुद्दों पर चर्चा की। दोनों देश पारस्परिक लाभ के लिए अपनी पूरक क्षमताओं का लाभ उठाने पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने कहा है कि ऑस्ट्रिया की क्षमताओं और जुड़ाव की संभावनाओं के आधार पर हमने द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को भी चिह्नित किया है। इनमें ग्रीन और डिजिटल टेक्नोलॉजीस, इंफ्रास्ट्रक्चर, रिन्यूऐबल एनर्जी, वॉटर मैनेजमेंट, लाइफ साइंस के साथ ही इलेक्ट्रिक परिवहन और परिवहन शामिल हैं।
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सीतारमण ने स्टार्टअप और इनोवेशन के बारे में बात करते हुए कहा कि ये दोनों सरकारों के लिए एक प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि भारत में 110 से ज्यादा यूनिकॉर्न और 1,000 से ज्यादा सफल स्टार्टअप हैं।
