बजट 2026 पेश करती हुईं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (सोर्स- IANS)
Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। यह बजट कई मायनों में ऐतिहासिक और अलग रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘भविष्योन्मुखी’ करार दिया, लेकिन सदन के भीतर इस बार का नजारा पिछले सालों के मुकाबले कुछ अलग था।
निर्मला सीतारमण अपने बजट भाषणों में अक्सर तमिल कवि तिरुवल्लुवर या कन्नड़ संत बसवन्ना की कविताओं और उद्धरणों का प्रयोग करती रही हैं। हालांकि, इस बार 85 मिनट के अपने संबोधन में उन्होंने किसी भी कविता का उल्लेख नहीं किया। उनका पूरा ध्यान निवेश, विकास के आंकड़ों और सुधारों पर रहा।
भाषण की शुरुआत गुरु रविदास को श्रद्धांजलि और माघ पूर्णिमा के संदर्भ के साथ हुई, लेकिन इसके बाद वित्त मंत्री सीधे आर्थिक लक्ष्यों पर आ गईं। रोचक बात यह रही कि उन्होंने किसी भी चुनावी राज्य का प्रत्यक्ष रूप से नाम नहीं लिया, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिला कि सरकार ‘बयानबाजी के बजाय सुधार’ और ‘लोकलुभावनवाद के बजाय लोगों’ के सिद्धांत पर काम कर रही है।
बजट के दिन वित्त मंत्री का पहनावा हमेशा चर्चा का विषय रहता है। इस बार उन्होंने अपने गृह राज्य तमिलनाडु की पारंपरिक बुनाई को सम्मान देते हुए सुनहरे चेक और कॉफी ब्राउन किनारी वाली बैंगनी रंग की कांजीवरम साड़ी पहनी थी।
यह पहला बजट था जिसे वित्त मंत्रालय के नए कार्यालय ‘कर्तव्य भवन’ (पूर्व में नॉर्थ ब्लॉक) में तैयार किया गया था। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले एक तरफ भाजपा सांसद राजकुमार चाहर सेल्फी लेते दिखे, तो दूसरी तरफ द्रमुक नेता कनिमोई गृह मंत्री अमित शाह और एस. जयशंकर से चर्चा करती नजर आईं।
सदन में एक तरफ बजट का उत्साह था, तो दूसरी तरफ गहरी शोक की लहर भी दिखी। राकांपा (शप) सांसद सुप्रिया सुले के पास सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेता संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। हाल ही में महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। प्रियंका गांधी वाद्रा, अखिलेश यादव और मीसा भारती जैसे नेताओं ने सुप्रिया सुले से मिलकर दुख साझा किया।
प्रधानमंत्री मोदी के प्रवेश के साथ ही सदन ‘भारत माता की जय’ और ‘जय संविधान’ के नारों से गूंज उठा। भाषण के अंतिम क्षणों में केरल के कांग्रेस सदस्यों ने यह आरोप लगाते हुए हंगामा किया कि चुनाव के बावजूद उनके राज्य की अनदेखी की गई है। वित्त मंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने अनिश्चितता के बजाय निर्णायक कार्रवाई को चुना है।
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कार्यवाही समाप्त होने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने निर्मला सीतारमण को उनके ‘ऐतिहासिक’ प्रयासों के लिए बधाई दी। पूरे भाषण के दौरान सत्ता पक्ष हर कुछ मिनट में मेजें थपथपाकर समर्थन दे रहा था, जबकि विपक्ष अधिकांश समय अप्रभावित और आक्रामक नजर आया।