अगले 12 महीनों में 27,609 के पार पहुंच सकता है निफ्टी, कम महंगाई दर से मिलेगा सपोर्ट
NSE Nifty: रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, कम महंगाई दर, करों में कटौती, सामान्य मानसून और RBI द्वारा हाल ही में की गई ब्याज दरों में कटौती सहित कई कारक वृद्धि के लिए परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं।
- Written By: मनोज आर्या
प्रतीकात्मक तस्वीर
NSE Nifty: भारत में घरेलू मांग बढ़ने का फायदा शेयर बाजार को भी मिलेगा। इस कारण आने वाले 12 महीनों में निफ्टी 27,609 के स्तर को छू सकता है। यह जानकारी मंगलवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में दी गई। पीएल कैपिटल की लेटेस्ट इंडिया स्ट्रेटेजी रिपोर्ट में संकलित आंकड़ों के अनुसार, कम महंगाई दर, करों में कटौती, सामान्य मानसून और भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हाल ही में की गई ब्याज दरों में कटौती सहित कई कारक व्यापक उपभोग वृद्धि के लिए परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति (खुदरा महंगाई दर) घटकर 1.6 प्रतिशत रह गई है, जबकि सामान्य बारिश से ग्रामीण आय में वृद्धि हो रही है।रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 26 में टैक्स में एक लाख करोड़ रुपए की कटौती से मांग को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। साथ ही, आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती से हाउसिंग, कार और पर्सनल लोन की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
जीएसटी सुधार से टैक्स में होगी कटौती
इसके अतिरिक्त जीएसटी सुधार से अप्रत्यक्ष टैक्स में कटौती होगी और ऑटोमोबाइल, ड्यूरेबल्स, दवाइयां और रोजमर्रा के सामानों की मांग इजाफा हो सकता है। रिपोर्ट में बताया गया कि अमेरिकी टैरिफ और विदेशी निवेशकों द्वारा 41,000 करोड़ रुपए की निकासी के बाद भी भारतीय बाजार मजबूत बने हुए हैं। वर्तमान में, निफ्टी एक साल के अग्रिम ईपीएस के 18.9 गुना पर कारोबार कर रहा है, जो इसके 15 साल के औसत से थोड़ा कम है।
सम्बंधित ख़बरें
क्या बंद होने वाले हैं कागज के ये नोट? जानिए 1 जून से बदलने वाले 5 बड़े नियम! Video
Gold-Silver Rate Today: भारत में आज सोने-चांदी में भारी उछाल, चांदी 5000 और सोना 1600 रुपये महंगा
Indigo Q4 Results: इंडिगो की उड़ान में आई भारी गिरावट, चौथी तिमाही में हुआ ₹2,537 करोड़ का नुकसान
Share Market: हफ्ते के आखिर दिन बाजार में हाहाकार! 1100 अंक गिरा सेंसेक्स; निवेशकों का ₹600 करोड़ स्वाहा
आईटी सेवाओं और वस्तुओं पर कमजोर रुख
सेक्टोरल आधार पर फर्म बैंक, स्वास्थ्य सेवा, उपभोक्ता, दूरसंचार, ऑटो और पूंजीगत वस्तुओं पर सकारात्मक बनी हुई है, जबकि आईटी सेवाओं और वस्तुओं पर कमजोर रुख बनाए हुए है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत की आर्थिक विकास गति को बनाए रखने के लिए उपभोग मांग को पुनर्जीवित करना महत्वपूर्ण होगा।रिपोर्ट के अनुसार, डिफेंस, इन्फ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम, अस्पताल और पावर ट्रांसमिशन जैसे संरचनात्मक थीम अर्थव्यवस्था के लिए मजबूत विकास चालक बने रहेंगे।
ये भी पढ़ें: वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में कंपनियों की बढ़ेगी कमाई, रेवेन्यू 5-6% रहने का अनुमान; ICRA
आज निफ्टी का हाल
शेयर बाजार पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक्स्ट्रा टैरिफ का असर साफ देखने को मिला है, जो आज से लागू होने वाला है। ट्रंप ने पहले भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था और रूसी तेल की खरीद पर एक्स्ट्रा 25 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जो आज 27 अगस्त से प्रभावी होने वाला है। ऐसे में भारत पर कुल मिलाकर अब 50 फीसदी टैरिफ हो जाएगा। इसके चलते सेंसेक्स-निफ्टी की शुरुआत तेज गिरावट के साथ हुई और BSE Sensex जहां 629 अंकों से ज्यादा फिसल गया, तो वहीं NSE Nifty 200 अंकों से ज्यादा तक टूट गया।
