Nestle India ने भारत के बारे में कही बड़ी बात, स्विट्जरलैंड के भारत का MFN दर्जा वापस लेने से कोई फर्क नहीं पड़ा
एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया ने स्विट्जरलैंड के द्वारा भारत को दिए गए मोस्ट फेवरड नेशन के प्रावधान को खत्म करने के फैसले पर टिप्पणी की है। कंपनी पहले से ही सीमापार भुगतान पर 10 प्रतिशत ‘विदहोल्डिंग कर' की कटौती'' कर रही।
- Written By: अपूर्वा नायक
नेस्ले इंडिया (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : डेली नीड्स का सामान बनाने वाली एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया ने भारत को लेकर बड़ी बात कही है। गुरूवार को कंपनी ने अपने बयान में कहा है कि स्विट्जरलैंड द्वारा भारत को दिए गए एमएफएन यानी सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र के दर्ज को हटाने से कंपनी को कोई भी असर नहीं हुआ है।
एफएमसीजी कंपनी ने बयान में कहा, दोहरे टैक्सेशन बचाव समझौते यानी डीटीएए के तहत एमएफएन दर्जे का निलंबन भारत और स्विट्जरलैंड सरकार के बीच एक नीतिगत मुद्दा है। इसका सीधे तौर पर नेस्ले से कोई रिश्ता नहीं है। नेस्ले इंडिया के पास मैगी, नेस्कैफे और किटकैट जैसे लोकप्रिय ब्रांड का स्वामित्व है।
मोस्ट फैवरड नेशन के प्रावधान को निलंबित किया
कंपनी पहले से ही सीमापार भुगतान पर 10 प्रतिशत ‘विदहोल्डिंग कर’ की कटौती” कर रही है। स्विट्जरलैंड ने 11 दिसंबर को दोहरे टैक्सेशन से बचाव के लिए भारत के साथ हुए समझौते में ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ यानी मोस्ट फैवरड नेशन के प्रावधान को निलंबित कर दिया था।
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अपने-आप लागू नहीं होता
स्विट्जरलैंड के वित्त मंत्रालय ने 11 दिसंबर को बयान में एमएफएन दर्जा वापस लेने की जानकारी देते हुए कहा था कि यह कदम भारत के उच्चतम न्यायालय के पिछले साल आए एक फैसले के संदर्भ में उठाया गया है। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि अगर किसी देश के आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन यानी ओईसीडी में शामिल होने से पहले भारत सरकार ने उस देश के साथ कर संधि पर साइन किए हैं तो एमएफएन प्रावधान अपने-आप लागू नहीं होता है।
विदहोल्डिंग टैक्स’ की कटौती
इससे स्विट्जरलैंड में ऑपरेट करने वाली भारतीय कंपनियों की टैक्स देनदारियां बढ़ गई थीं। नेस्ले इंडिया के प्रवक्ता ने कहा है कि यह मामला नेस्ले से संबंधित नहीं है, बल्कि यह भारत तथा स्विट्जरलैंड के बीच नीतिगत मामला है। हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि नेस्ले इंडिया पहले ही 10 प्रतिशत ‘विदहोल्डिंग टैक्स’ की कटौती कर रही है और इसका हम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
9 कारखानों का परिचालन
स्विट्जरलैंड की एफएमसीजी कंपनी नेस्ले एसए के लिए भारत टॉप 10 बाजारों में से एक है, जहां यह 112 साल से परिचालन कर रही है। कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय बाजार में 2020-2025 की अवधि में 6,000-6,500 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। नेस्ले इंडिया यहां 9 कारखानों का परिचालन करती है। कंपनी ओडिशा में 10वां कारखाना स्थापित करने की प्रक्रिया में है। वित्त वर्ष 2023-24 में इसका राजस्व 24,393.9 करोड़ रुपये था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
