ग्लोबल मार्केट में तेजी का असर, अमेरिका-ईरान सीजफायर के संकेतों से रॉकेट बना बाजार; 6% उछले निफ्टी-सेंसेक्स

Share Market: इंडिया वीआईएक्स 7.72 प्रतिशत गिरकर 18.85 पर बंद हुआ, जो बाजार में डर कम होने का संकेत देता है। हालांकि, अमेरिका-ईरान सीजफायर की स्थिरता को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।
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शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Share Market: अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते के सकारात्मक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे हफ्ते तेजी देखने को मिली। शॉर्ट कवरिंग के चलते बाजार में जोरदार खरीदारी हुई और प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक हरे निशान में बंद हुए। सप्ताह के दौरान निफ्टी में 5.9 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और आखिरी कारोबारी दिन यह 1.16 प्रतिशत चढ़कर 24,050 पर पहुंच गया। वहीं सेंसेक्स 918 अंक या 1.20 प्रतिशत बढ़कर 77,550 पर बंद हुआ और इस तरह पूरे हफ्ते में सेंसेक्स ने 5.8 प्रतिशत की तेजी दिखाई।

बैंक निफ्टी ने भी व्यापक बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया और शुक्रवार को 1.99 प्रतिशत बढ़कर 55,912 पर बंद हुआ। पूरे हफ्ते में इसमें 8.47 प्रतिशत की तेज बढ़त दर्ज की गई। साप्ताहिक चार्ट पर बैंक निफ्टी ने मजबूत बुलिश कैंडल बनाई है, जो आगे भी तेजी जारी रहने के संकेत देती है, अगर मौजूदा मोमेंटम बना रहता है।

छह हफ्तों के गिरावट का टूटा सिलसिला

इस तरह घरेलू बाजार में पिछले छह हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया। सेंसेक्स और निफ्टी में इस पूरे हफ्ते के दौरान करीब 6 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई, जो इसके पिछले पांच साल का सबसे मजबूत साप्ताहिक प्रदर्शन है। यह फरवरी 2021 के बाद से इनका सबसे बेहतरीन साप्ताहिक प्रदर्शन रहा। सेक्टर के लिहाज से निफ्टी रियल्टी, कैपिटल मार्केट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज में सबसे ज्यादा तेजी रही, जहां क्रमशः 12.97 प्रतिशत, 11.7 प्रतिशत और 10.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। बड़े सूचकांकों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप में 7.3 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप में 7.2 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। बैकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में मजबूत खरीदारी और ग्लोबल बाजारों से मिले मजबूत संकेतों के चलते इस तेजी को सहारा मिला।

ईरान संकट को लेकर अनिश्चितता

इंडिया वीआईएक्स 7.72 प्रतिशत गिरकर 18.85 पर बंद हुआ, जो बाजार में डर कम होने का संकेत देता है। हालांकि, अमेरिका-ईरान सीजफायर की स्थिरता को लेकर अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है, जिससे वोलैटिलिटी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच संभावित युद्धविराम से ग्लोबल बाजारों में स्थिरता आई, जिससे घरेलू बाजार को सपोर्ट मिला। इस दौरान, बीएसई लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) करीब 6.5 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 451.23 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। वहीं इस पूरे हफ्ते निवेशकों की संपत्ति में करीब 28.85 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट वैल्यू पिछले हफ्ते के अंत में 422.37 करोड़ रुपए रही थी।

मार्केट को लेकर एक्सपर्ट की राय

विश्लेषकों के अनुसार, बैंक निफ्टी को 53,700-53,000 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि 56,700-57,700 के बीच रेजिस्टेंस देखा जा रहा है। निफ्टी के लिए 23,500-23,150 का दायरा अहम सपोर्ट जोन है, जबकि ऊपर की ओर 24,500-25,000 के बीच रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।

विश्लेषकों का कहना है कि निफ्टी की चाल से शेयर बाजार में मजबूत खरीदारी और सकारात्मक रुझान का संकेत मिलता है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशकों की नजर अब अमेरिका-ईरान बातचीत, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर बनी रहेगी, जो आगे बाजार की दिशा तय करेंगे।

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