HDFC बैंक को जेफरीज ने पोर्टफोलियो से निकाला, चेयरमैन के इस्तीफे के बाद शेयरों में भारी गिरावट

HDFC Stock Decline: जेफरीज ने HDFC बैंक को अपने पोर्टफोलियो से हटा दिया है। चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के इस्तीफे और नैतिकता संबंधी विवादों के कारण बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट आई है।
Jefferies Drops HDFC Bank Following Chairman Resignation Share Prices Plunge Amid Governance Worries
HDFC बैंक के शेयरों में भारी गिरावट (सोर्स-सोशल मीडिया)
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HDFC Bank Share Price Analysis: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के दिग्गज HDFC बैंक को अपने प्रमुख पोर्टफोलियो से पूरी तरह बाहर कर दिया है जिससे बाजार में खलबली मच गई है। यह फैसला बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे और बैंक के भीतर नैतिकता से जुड़े गंभीर मतभेदों के सामने आने के बाद लिया गया है। इस बड़े बदलाव के कारण बीएसई पर बैंक के शेयरों में लगभग 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है।

जेफरीज का पोर्टफोलियो बदलाव

ब्रोकरेज के स्ट्रैटेजिस्ट क्रिस वुड्स ने अपनी 'ग्रीड एंड फियर' नामक नवीनतम रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया है कि HDFC बैंक को एशिया और ग्लोबल इक्विटी पोर्टफोलियो से हटा दिया गया है। बैंक की जगह अब एचएसबीसी को 4 प्रतिशत वेटेज के साथ शामिल किया गया है जिसके कारण भारतीय बाजार के कुल वेटेज में मामूली कमी देखने को मिली है। वर्तमान में इस पोर्टफोलियो में भारत का हिस्सा घटकर 13 प्रतिशत रह गया है जो अभी भी एमएससीआई बेंचमार्क से थोड़ा ऊपर बना हुआ है।

चेयरमैन का इस्तीफा और विवाद

HDFC बैंक ने जानकारी दी है कि उसके अंशकालिक चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने मूल्यों और नैतिकता को लेकर पैदा हुए गहरे मतभेदों के कारण अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बैंक की कुछ कार्यप्रणालियों पर सवाल उठाए थे जो उनके व्यक्तिगत आदर्शों के अनुरूप नहीं थीं लेकिन उन्होंने इसके बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया। इस इस्तीफे के बाद बैंक ने तुरंत कदम उठाते हुए अनुभवी केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन के पद पर नियुक्त किया है।

जांच और निवेशकों का भरोसा

बैंक प्रबंधन ने इस पूरे विवाद और इस्तीफे के पीछे के कारणों की गहराई से जांच करने के लिए प्रतिष्ठित लॉ फर्म्स की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही अभी तक कोई गलत काम साबित नहीं हुआ है लेकिन इस घटनाक्रम से निवेशकों का भरोसा काफी कमजोर हुआ है। जेपी मॉर्गन के अनुज सिंघल के अनुसार इस अनिश्चितता के कारण आने वाले समय में बैंक के शेयर पर भारी दबाव बना रह सकता है।

RBI की संभावित कार्रवाई

बाजार में चल रही विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI भी इस इस्तीफे से जुड़े संवेदनशील मामलों की अपने स्तर पर जांच कर सकता है। नियामक संस्था यह सुनिश्चित करना चाहती है कि बैंक के भीतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस के नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। अगर जांच में किसी भी तरह की विसंगति पाई जाती है तो बैंक के लिए भविष्य की चुनौतियां और अधिक बढ़ सकती हैं।

शेयरों की कीमतों में गिरावट

इस नकारात्मक खबर के फैलते ही BSE पर HDFC बैंक का शेयर लगभग 3 प्रतिशत टूटकर 758 रुपए के निचले स्तर तक आ गया जो निवेशकों के लिए झटका है। पिछले एक महीने में बैंक के शेयर की कीमत में 14.3 प्रतिशत और पिछले छह महीनों में लगभग 20 प्रतिशत तक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान में बैंक का मार्केट कैप 5.82 लाख करोड़ रुपए है जबकि इसका 52 हफ्तों का निचला स्तर 741.05 रुपए रहा है।

एशियाई बाजारों पर प्रभाव

जेफरीज ने अपने एशिया प्रशांत क्षेत्र के पोर्टफोलियो में भारत के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया का वेटेज भी 2 प्रतिशत घटाया है जबकि ताइवान का वेटेज 4 प्रतिशत बढ़ा दिया है। यह कदम दर्शाता है कि ग्लोबल फर्म अब भारतीय बैंकिंग सेक्टर की तुलना में अन्य उभरते बाजारों को अधिक प्राथमिकता दे रही है और वहां निवेश बढ़ा रही है। बाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक बैंक के भीतर की स्थितियां स्पष्ट नहीं होतीं तब तक शेयर में सुधार की संभावना काफी कम है।

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