निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये! ग्लोबल मार्केट में तेजी के बाद भी Share Market हुआ लाल, 450 अंक टूटा सेंसेक्स

Share Market Crash Today: ग्लोबल मार्केट में तेजी के बावजूद भारतीय शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन धराशायी हुआ। सेंसेक्स 483 अंक और निफ्टी 104 अंक फिसला। जानिए इस गिरावट के पीछे की बड़ी वजहें और असर।
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शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Crash Today: भारतीय शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन लाल निशाने के साथ खुले। जबकि ग्लोबल मार्केट में तेजी देखी जा रही है। आज बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स में 483.18 अंक या 0.63% फिसलकर 75,532.10 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स 104 अंकों की कमजोरी के साथ 23,711.55 के स्तर पर करोबार कर रहा है। 

शुरुआती कारोबार में बाजार में गिरावट का नेतृत्व आईटी और सर्विसेज शेयर कर रहे थे। सूचकांकों में निफ्टी आईटी और निफ्टी सर्विसेज टॉप लूजर थे। निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग भी लाल निशान में कारोबार कर रहे थे।  दूसरी तरफ सूचकांकों में निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी मेटल, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी पीएसई हरे निशान में थे।

मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट हुई। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 178 अंक या 0.96 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,347 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 472 अंक या 0.77 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,785 पर था।  सेंसेक्स पैक में भारती एयरटेल, टाटा स्टील, एनटीपीसी और एसबीआई गेनर्स थे। इन्फोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, आईटीसी, एलएंडटी और टाइटन लूजर्स थे।

मिला जुला रहा एशियाई बजारों का हाल

वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, हांगकांग और बैंकॉक हरे निशान में थे, जबकि शंघाई, सोल और जकार्ता लाल निशान में थे। अमेरिका बाजार सोमवार को हल्के हरे निशान में बंद हुआ। मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.19 प्रतिशत और नैस्डैक 0.10 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था।

ट्रंप के फैसले से कच्चे तेल में तेजी

अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान का शांति प्रस्ताव खारिज करने के बाद वैश्विक स्तर पर तनाव फिर से बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, अमेरिकी नाकेबंदी और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे मुद्दों को लेकर विवाद बना हुआ है। इसके चलते कच्चे तेल की कीमत में तेजी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 105 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 1.08 प्रतिशत की मजबूती के साथ 99 डॉलर प्रति बैरल पर था।

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