भूखमरी की कगार पर खड़ा पाकिस्तान...फिर भी IMF क्यों हुआ मेहरबान, दे दिया इतने अरब डॉलर का कर्ज

Pakistan: इससे पहले नवंबर महीने में IMF ने पाकिस्तान के कमजोर वित्तीय प्रबंधन, नकदी निगरानी एवं सार्वजनिक संसाधन आवंटन के लिए जवाबदेही पर असंतोष व्यक्त किया था।
IMF Loan to Pakistan
पाकिस्तान को IMF से बड़ी मदद, (कॉन्सेप्ट फोटो)
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IMF Approve Loan To Pakistan: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने द्विपक्षीय व्यवस्था के तहत पाकिस्तान को करीब 1.2 अरब डॉलर का नया लोन सहायता को मंजूरी दे दी है। इस लोन सहायता से स्पष्ट होता है कि विनाशकारी बाढ़ के बावजूद देश ने स्थिरता बनाए रखी है। पाकिस्तानी समाचार पत्र ‘डॉन’ ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में बताया कि आईएमएफ कार्यकारी निदेशक मंडल ने सोमवार को वाशिंगटन में आयोजित बैठक में दोहरे ‘ट्रैक बेलआउट’, 37 महीने की विस्तारित निधि सुविधा (EFF) एवं जलवायु-केंद्रित टिकाऊ स्थिरता सुविधा (RSF) के तहत यह मंजूरी दी।

नकदी संकट से जूझ रहा पाकिस्तान वर्तमान में आईएमएफ के 24वें कार्यक्रम में है। इसके तहत पिछले साल उसे 39 महीनों की अवधि में सात अरब डॉलर की सहायता प्रदान करने पर सहमति बनी थी। खबर में कहा गया कि हालिया मंजूरी के तहत पाकिस्तान को ईएफएफ के तहत एक अरब डॉलर और आरएसएफ के तहत 20 करोड़ डॉलर की सहायता राशि निकालने की अनुमति है।

पाकिस्तान को आर्थिक स्थिरता बनाए रखना जरूरी

आईएमएफ के उप प्रबंध निदेशक एवं कार्यवाहक प्रमुख निगेल क्लार्क ने बयान में कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल को देखते हुए, पाकिस्तान को व्यापक आर्थिक स्थिरता को और मजबूत करने के लिए विवेकपूर्ण नीतियों को बनाए रखने की जरूरत है। इसके साथ ही मजबूत, निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाली एवं टिकाऊ मध्यम अवधि की वृद्धि हासिल करने के लिए आवश्यक सुधारों में तेजी लाने की जरूरत है।

समाचार पत्र की रिपोर्ट में कहा गया कि, इस्लामाबाद के अधिकारियों ने इस मंजूरी को पाकिस्तान के सुधार प्रयासों एवं व्यापक आर्थिक प्रबंधन में विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि असली परीक्षा इन प्रतिबद्धताओं को ठोस आर्थिक सुधार में बदलने की होगी।

इससे पहले असंतोष जता चुका है IMF

बता दें कि इससे पहले नवंबर महीने में आईएमएफ ने पाकिस्तान के कमजोर वित्तीय प्रबंधन, नकदी निगरानी एवं सार्वजनिक संसाधन आवंटन के लिए जवाबदेही पर असंतोष व्यक्त किया था और करदाताओं के पैसे के व्यक्तिगत एवं राजनीतिक दुरुपयोग को कम करने की सलाह दी थी। हालांकि, हालिया मंजूरी से आर्थिक मोर्चे पर पाकिस्तान को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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