ICICI बैंक ने बदली चाल, मिनिमम बैलेंस लिमिट को लेकर मारा यू-टर्न
ICICI Bank ने अपने मिनिमम बैलेंस लिमिट के फैसले को बदल दिया है। आईसीआईसीआई बैंक के द्वारा इस राशि को बढ़ाकर 50,000 रुपये तक कर दिया गया था।जिसका कस्टमर्स ने भारी विरोध किया।
- Written By: अपूर्वा नायक
आईसीआईसीआई बैंक (सौजन्य : सोशल मीडिया)
Minimum Balance Limit ICICI Bank: प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंकों में से एक आईसीआईसीआई बैंक ने हाल ही में अपनी मिनिमम बैलेंस की लिमिट को बढ़ाने का फैसला लिया था। आईसीआईसीआई बैंक ने मिनिमम बैलेंस लिमिट को 50,000 रुपये तक कर दिया था। हालांकि भारी विरोध के बाद इस बैंक को ये फैसला बदलना पड़ा।
अब आईसीआईसीआई बैंक ने तगड़े विरोध के बाद अर्बन एरिया में नए ग्राहकों के लिए मिनिमम एवरेज बैलेंस की लिमिट को घटा दिया है। बैंक ने इसे 50,000 रुपये से घटाकर अब 15,000 रुपये तक कर दिया है। बैंक को भारी विरोध के बाद ये मजबूरन ये फैसला लेना पड़ा है। आपको बता दें कि कुछ ही दिन पहले बैंक ने मिनिमम बैलेंस की लिमिट को 50,000 रुपये तक कर दिया था। हालांकि विरोध के बाद भी बैंक ने मिनिमम बैलेंस लिमिट को 5,000 रुपये ज्यादा बढ़ाया है।
किन कस्टमर्स को मिलेगी राहत
साथ ही, बैंक ने सेमी अर्बन एरिया में नए आईसीआईसीआई बैंक कस्टमर्स के लिए मिनिमम बैलेंस लिमिट को भी 25,000 रुपये से कम करके 7,500 रुपये तक कर दिया है। रूरल और सेमी अर्बन एरिया में पुराने ग्राहकों के लिए Minimum Balance Limit की अमाउंट को 5,000 रुपये तक कर दिया है। सैलरी अकाउंट, बेसिक सेविंग डिपॉजिट अकाउंटहोल्डर्स और प्रधानमंत्री जन धन योजना को इस रूल से छूट मिलेगी, क्योंकि ये 0 बैलेंस अकाउंट हैं।
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मिनिमम बैलेंस लिमिट क्या है?
आपको बता दें कि मिनिमम बैलेंस लिमिट, वो मिनिमम अमाउंट है, जो कोई कस्टमर जुर्माने से बचने के लिए अपने सेविंग अकाउंट में रखता है। हर बैंक की सेविंग अकाउंट के प्रकार और ब्रांच की जगह के आधार पर मिनिमम बैलेंस लिमिट के लिए अपनी अलग-अलग जरूरत होती हैं।
बैंक की ब्रांच की लोकेशन भी इसमें अहम भूमिका निभाती है, क्योंकि मिनिमम बैलेंस की जरूरत इस बात पर निर्भर करती हैं कि मेट्रो या अर्बन ब्रांच है। साथ ही सेमी अर्बन ब्रांच या रूरल ब्रांच के कस्टमर्स को भी इस नियम को मानना होता है।
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SBI का IMPS ट्रांसेक्शन पर फैसला
एसबीआई ने 15 अगस्त से आईएमपीएस ट्रांसेक्शन पर ज्यादा फीस वसूलने का फैसला किया है। जानकारी के अनुसार, 25,000 रुपये से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांसेक्शन पर चार्ज देना होता है, जबकि 25,000 रुपये तक का ट्रांसफर पहले की ही तरह बिना किसी चार्ज के कर पाएंगे।
