भारत के सबसे अमीर परिवारों की लिस्ट में अंबानी का दबदबा, बिड़ला-जिंदल का भी शोहरत बरकरार

Hurun India: हुरुन इंडिया द्वारा जारी लिस्ट में 100 नए परिवार शामिल हुए, जिससे कुल 300 परिवारों की वैल्यू 134 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो तुर्की और फिनलैंड की जीडीपी को मिलाकर भी ज्यादा है।
Richest business family of india
प्रतीकात्मक तस्वीर
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India's Most Richest Family: रिसर्च कंपनी हुरुन इंडिया ( Hurun India) के मोस्ट वैल्युएबल फैमिली बिजनेस लिस्ट में अंबानी परिवार लगातार दूसरे साल टॉप पर बना हुआ है। मुकेश अंबानी की नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की वैल्यू करीब 28.2 लाख करोड़ रुपये, यह भारत की कुल जीडीपी का 12वां हिस्सा के बराबर है।

हुरुन इंडिया द्वारा जारी इस लिस्ट में अब की बार 100 नए परिवार शामिल हुए, जिससे कुल 300 परिवारों की वैल्यू 134 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जो तुर्की और फिनलैंड की जीडीपी को मिलाकर भी ज्यादा है। इस लिस्ट में शामिल में टॉप-10 परिवारों की वैल्यू की बात करें तो यह 40.4 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले साल के 35.8 लाख करोड़ से 4.6 लाख करोड़ रुपये अधिक है।

अंबानी के बाद दूसरे नंबर पर बिड़ला परिवार

हुरुन इंडिया द्वारा जारी मोस्ट वैल्यूएबल बिजनेस फैमिली लिस्ट में अंबानी के बाद दूसरे नंबर पर कुमार मंगलम बिड़ला परिवार है, जिसकी कुल वैल्यू 6.5 लाख करोड़ रुपये है। वहीं, 5.7 लाख करोड़ रुपये की वैल्यू के साथ जिंदल परिवार इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर है। देश के ये तीनों कारोबारी परिवार की कुल वैल्यू फिलीपींस की जीडीपी के बराबर है। लिस्ट में सबसे अधिक 227 बिजनेस परिवार दूसरे जनरेशन से हैं। थर्ड जनरेशन के 50 फैमिली और फोर्थ जेनरेशन के 18 परिवार शामिल हैं। इस लिस्ट में सबसे पुराना कारोबार वाडिया फैमिली का है, जिसकी वैल्यू 1.58 लाख करोड़ रुपये है।

अब तक का सबसे बड़ा ट्रांसफर

बार्कलेज प्राइवेट बैंक के एशिया पैसिफिक हेड नितिन सिंह के अनुसार, आने वाले अगले पांच सालों में भारत के बड़े बिजनेस फैमिली की करीब 130 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति एक जनरेशन से दूसरी जनरेशन को सौंपी जाएगी। अब तक का यह सबसे बड़ा ट्रांसफर होगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि अब 71 परिवार ऐसे हैं जो अपना अलग फैमिली ऑफिस चला रहे हैं, ताकि अपने पैसों और कारोबार को बेहतर तरीके से संभाल सकें और अगली पीढ़ी को आसानी से सौंप सकें।

1.8 लाख करोड़ रुपये का टैक्स

नितिन सिंह ने आगे कहा कि ये कारोबारी फैमिली सिर्फ पैसा नहीं कमा रहे, बल्कि नए-नए उद्योग लगा रहे हैं, नौकरियां दे रहे हैं और देश के कॉरपोरेट टैक्स में 15 प्रतिशत तक का योगदान कर रहे हैं। पिछले साल टॉप-300 परिवारों ने कुल 1.8 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रूप में सरकार को दिया और 20 लाख से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी दिए। जो बहरीन की पूरी आबादी से भी ज्यादा है।

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