

Sone Ki Kahani: कुछ दिनों पहले तक सोने के दाम आसमान छू रहे थे। लोग गोल्ड बॉन्ड में इन्वेस्ट कर रहे थे। कई लोग सोने के गहने खरीद रहे थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने की अपील ने बहुत कुछ बदल दिया है।
सोना भारतीय परिवार का एक अहम हिस्सा है। शादी-ब्याह, तीज-त्योहार से लेकर कई खास मौकों पर सोने से खूबसूरती में चार चांद लग जाते हैं। भारतीय परिवारों में तो सोने का इस्तेमाल विपरीत परिस्थिति में इमरजेंसी फंड के तौर पर किया जाता रहा है।
सालों बाद भी सोने की चमक इसलिए बरकरार है, क्योंकि सोना कभी नष्ट नहीं होता। इतिहास में प्राचीन मिस्त्र को सोने का सबसे बड़ा उत्पादक माना जाता था। नील नदी के किनारे कॉप्टोस में दुनिया का पहला गोल्ड टाउन बसा था। यहां पहाड़ों से बहकर आने वाली नदियों के साथ सोने के कण भी आते थे। चूंकि यह बेहद लचीला होता है, इसलिए इसे बिना पिघलाए पत्थर की मदद से भी आकार दिया जा सकता है।
मिस्त्र में सोने को देवताओं का धातु माना जाता था। वहां के लोग इसे सूर्यदेव का प्रतीक मानते थे। सोने को तेज, समृद्धि, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का प्रतीक माना गया है। उस दौर में मिस्त्र के राजा फराओ सोने के भारी आभूषण पहनते थे। इतना ही नहीं उनके मरने के बाद उनके मकबरे को भी सोने से भर दिया गया था, जिससे कि वो अगले जन्म में भी सुरक्षित रहे।
बीते कुछ वर्षों में सोने के दाम ने आसमान छू लिया। सोने का मूल्य मुद्रास्फीति, बदलती आर्थिक नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में होने वाले बदलावों पर निर्भर करता है। आर्थिक मंदी, दुनिया भर में चल रहे युद्ध, अंतर्रराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक मंदी निवेशकों को सोने की ओर आकर्षित करती हैं, इससे इसकी मांग और मूल्य दोनों में वृद्धि होती है।
भारत में सोना खरीदते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखा जाएं, तो आप ठगी का शिकार होने से बच सकते है। बढ़ती मांग के कारण बाजार में मिलावटी सोना भी मौजूद है। निम्न बातों का ध्यान रखकर आप भी बन सकते है स्मार्ट खरीददार-