हिंडनबर्ग की नई रिपोर्ट से आया भूचाल, इस बार अडानी के साथ सेबी प्रमुख माधवी बुच पर भी बड़े आरोप
अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक बार फिर से बड़ा धमाका किया है। इस बार अडानी के साथ-साथ उसने सेबी प्रमुख माधवी बुच को भी लपेटे में लिया है। हिंडनबर्ग रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेबी प्रमुख और पति की पैसों के हेरफेर में इस्तेमाल किए गए ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी।
- Written By: अभिषेक सिंह
हिंडनबर्ग रिसर्च की नई रिपोर्ट में अडानी के साथ सेबी प्रमुख पर भी आरोप (सोर्स- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: अमेरिकी शॉर्ट सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक बार फिर से बड़ा धमाका किया है। इस बार अडानी के साथ-साथ उसने सेबी प्रमुख माधवी बुच को भी लपेटे में लिया है। हिंडनबर्ग रिसर्च की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सेबी प्रमुख और पति की पैसों के हेरफेर में इस्तेमाल किए गए ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी। हिंडनबर्ग के इस दावे के बाद एक बार फिर से भूचाल ला दिया है।
हिंडनबर्ग ने अडानी पर अपनी पिछली रिपोर्ट के 18 महीने बाद एक ब्लॉगपोस्ट में आरोप लगाया कि सेबी ने अदाणी के मॉरीशस और ऑफशोर शेल संस्थाओं के कथित अघोषित जाल में आश्चर्यजनक रूप से रुचि नहीं दिखाई है। शॉर्ट-सेलर ने ‘व्हिसलब्लोअर दस्तावेजों’ का हवाला देते हुए कहा कि सेबी की वर्तमान प्रमुख माधवी बुच और उनके पति के पास अडानी धन हेराफेरी घोटाले में इस्तेमाल किए गए दोनों अस्पष्ट ऑफशोर फंड में हिस्सेदारी थी।
NEW FROM US: Whistleblower Documents Reveal SEBI’s Chairperson Had Stake In Obscure Offshore Entities Used In Adani Money Siphoning Scandalhttps://t.co/3ULOLxxhkU — Hindenburg Research (@HindenburgRes) August 10, 2024
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हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच भी अडानी ग्रुप से जुड़ी हुई हैं। यही वजह है कि उन्होंने 18 महीने में भी अडानी ग्रुप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। हिंडनबर्ग रिसर्च ने सुबह सोशल मीडिया पर इस बात का खुलासा किया था। आखिरकार एक बार फिर अडानी ग्रुप हिंडनबर्ग के निशाने पर है।
माधवी बुच पर सीधा आरोप
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अडानी घोटाले की जांच में सेबी की निष्पक्षता पर संदेह होना स्वाभाविक है, क्योंकि जिस कंपनी में चेयरपर्सन की हिस्सेदारी है, वह सीधे तौर पर इस घोटाले से जुड़ी हुई है। एक गुप्त दस्तावेज का हवाला देते हुए हिंडनबर्ग रिसर्च ने कहा है कि अडानी घोटाले में इस्तेमाल की गई ऑफशोर संस्थाओं में सेबी चेयरपर्सन की हिस्सेदारी थी। हालांकि यह हिंडनबर्ग रिसर्च के दावे हैं नवभारत इनकी पुष्टि नहीं करता है।
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हिंडनबर्ग रिसर्च ने आरोप लगाया है कि अप्रैल 2017 से मार्च 2022 तक माधबी पुरी बुच सेबी की पूर्णकालिक सदस्य होने के साथ-साथ इसकी अध्यक्ष भी थीं। सिंगापुर में अगोरा पार्टनर्स नामक एक कंसल्टिंग फर्म में उनकी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। 16 मार्च 2022 को सेबी की अध्यक्ष नियुक्त होने से दो सप्ताह पहले उन्होंने कंपनी में अपने शेयर अपने पति को हस्तांतरित कर दिए।
