Himachal Pradesh: राज्य में निवेश के नए अवसर, UAE राजदूत ने CM सुखविंदर सिंह सुक्खू से की अहम मुलाकात
UAE निवेशकों के लिए हिमाचल एक बेहतरीन विकल्प बनेगा। राजदूत ने हिमाचल में एडवेंचर टूरिज्म और स्कीइंग जैसे पर्यटन क्षेत्रों के निवेश में रुचि जताई। सरकार से नए प्रस्तावों का स्वागत किया।
- Written By: सौरभ शर्मा
हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू
शिमला: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के भारत में राजदूत अब्दुलनासिर अलशाली ने बुधवार को हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से शिमला में मुलाकात की। इस बैठक में पर्यटन, हरित ऊर्जा, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, डेटा स्टोरेज और शहरी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की गई। इस बातचीत से हिमाचल प्रदेश के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है।
पर्यटन और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश का सुनहरा अवसर
हिमाचल प्रदेश अपनी खूबसूरत पहाड़ियों, बर्फीली चोटियों, झीलों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। इसी को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार पर्यटन क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके तहत कई नए रोपवे बनाए जा रहे हैं, कांगड़ा एयरपोर्ट का विस्तार हो रहा है, फोर-लेन सड़कों का निर्माण और हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं। इससे पर्यटकों के लिए कनेक्टिविटी आसान होगी और निवेशकों के लिए भी हिमाचल एक बेहतरीन विकल्प बनेगा। UAE के राजदूत ने हिमाचल में एडवेंचर टूरिज्म और स्कीइंग जैसे पर्यटन क्षेत्रों में निवेश में रुचि जताई। उन्होंने यह भी कहा कि UAE पहले ही राज्य में निवेश के लिए संभावित स्थानों की पहचान कर चुका है और सरकार से नए प्रस्तावों का स्वागत किया जाएगा।
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भारत में ग्रीन एनर्जी का हब बनेगा हिमाचल
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अगले साल तक ‘ग्रीन एनर्जी स्टेट’ बनने की राह पर है। राज्य सरकार सौर ऊर्जा, हरित गलियारों (ग्रीन कॉरिडोर्स) और इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने के लिए बड़े कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश के पास भारत की कुल जलविद्युत क्षमता का 25% हिस्सा है, जो सौर ऊर्जा और पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए एक शानदार अवसर प्रदान करता है। UAE के राजदूत ने बताया कि उनका देश भारत के ग्रीन एनर्जी सेक्टर में पहले से ही सक्रिय है और हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ इस क्षेत्र में साझेदारी के लिए तैयार है। उन्होंने राज्य सरकार से ठोस परियोजनाओं का प्रस्ताव मांगा ताकि इस दिशा में तेजी से काम किया जा सके।
डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण और शहरी विकास में भी निवेश की संभावनाएं
सिर्फ पर्यटन और हरित ऊर्जा ही नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश प्राकृतिक खेती और डेयरी उत्पादन में भी देश में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने UAE की कंपनियों को खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड स्टोरेज और शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश के लिए आमंत्रित किया। शहरी विकास को और बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और नई योजनाओं पर चर्चा हुई। UAE दूतावास ने राज्य सरकार के साथ मिलकर इन परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके लिए दोनों पक्षों ने एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया। UAE सरकार का एक तकनीकी दल जल्द ही हिमाचल प्रदेश का दौरा करेगा ताकि निवेश की संभावनाओं का आकलन किया जा सके। इसके बाद अगली बैठक में निवेश की योजनाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस बैठक में हिमाचल प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, मुख्यमंत्री के आईटी और इनोवेशन सलाहकार गोकुल बुटेल, UAE के आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ राशिद अमीरी, मुख्य सचिव प्रभोध सक्सेना, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। भारत और UAE के बीच बढ़ती आर्थिक साझेदारी से न केवल हिमाचल प्रदेश को निवेश के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि राज्य की आर्थिक स्थिति और विकास दर में भी तेजी आएगी।
