Haldiram के डायरेक्टर कमल अग्रवाल हुए ठगी का शिकार, ठगों ने ऐसे उड़ाए 9.38 करोड़

Haldiram Director: देश की सबसे बड़ी नमकीन और मिठाई बनाने वाली कंपनी हल्दीराम फूड्स के एक डायरेक्टर ठगी का शिकार हुए हैं। मुंबई के चार ठगों ने उन्हें निवेश का झांसा देकर 9.38 करोड़ रुपये ठग लिए।
Haldiram Director Dupped
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Haldiram Director: देश की सबसे बड़ी नमकीन और मिठाई बनाने वाली कंपनी हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल लिमिटेड के डायरेक्टर कमल अग्रवाल के साथ एक ठगी का मामला सामने आया है। मुंबई के चार लोगों ने अधिक रिटर्न का झांसा देकर उनसे 9.38 लाख करोड़ रुपये ठग लिया। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने पुलिस अधिकारियों के हवाल से यह जानकारी दी है। इस मामले को लेकर नागपुर के कलमना पुलिस स्टेशन में एक एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कमल अग्रवाल हल्दीराम के डायरेक्टर होने के साथ-साथ ओम इंडस्ट्रीज नाम की एक कंपनी के मालिक हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, इस मामले में शामिल आरोपियों की पहुचान हो गई है। जिनमें, मुंबई के बांद्रा के रहने वाला समीर अब्दुल हुसैन ललानी, उसकी पत्नी हीना ललानी, बेटा अलीशान ललानी और ठाणे जिले के कल्याण का रहने वाले प्रकाश भोसले के रूप में हुई है। इन चारों आरोपियों ने अग्रवाल को बताया कि वे रॉयल ड्राईफ्रूट प्राइवेट लिमिटेड के नाम से एक कंपनी चलाते हैं और उन्होंने हल्दीराम के डायरेक्टर को लालच दिया कि अगर वे इस कंपनी में निवेश करते हैं तो उन्हें 76 प्रतिशत की हिस्सेदारी दी जाएगी। इस तरह उन्होंने निवेश का झांसा देते हुए अग्रवाल से 9 करोड़ से अधिक रुपये की ठगी कर ली।

कमल अग्रवाल को आरोपियों ने कैसे ठगा?

पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों ने सबसे पहले कमल अग्रवाल के इंवेस्टमेंट ऑफिसर से संपर्क किया और फर्जी बैलेंस शीट्स, बिजनेस रिकॉर्ड और झूठे डॉक्यूमेंट्स दिखाए। उन्होंने अग्रवाल को ऑफर दिया कि अगर वह इस कंपनी में 12.5 करोड़ रुपये लगाते हैं तो उन्हें 35 प्रतिशत की साझेदारी मिलेगी। अग्रवाल उनके झांसे में आ गए और जनवरी से जून 2023 के बीच उन्होंने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों को 4.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। कुल मिलाकर उन्होंने 9.38 करोड़ रुपये का निवेश किया। आरोपियों ने उन्हें 76 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का वादा किया था।

नागुर में दर्ज हुआ मामला

हल्दीराम फूड्स के डायरेक्टर कमल अग्रवाल ने इस मामले को लेकर नागपुर पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। दरअसल उन्हें इस इन्वेस्टमेंट में कुछ गड़बड़ी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने दस्तावेजों की असलियत की जांच करवाई। लेकिन सभी दस्तावेज फर्जी पाए गए। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।

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