GST Rate : बजट में हुआ इनकम टैक्स का काम, अब होगा जीएसटी रेट में कटौती का इंतजाम
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के सुझावों को बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह यानी जीओएम के सामने रख दिया गया है। जीएसटी रेट में कटौती के साथ इसे रेशनलाइज्ड करना है।
- Written By: अपूर्वा नायक
जीएसटी कलेक्शन (सौजन्य : सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : देश में डिमांड और कंजप्शन को बढ़ावा देने के लिए जीएसटी काउंसिल अब जीएसटी रेट्स में कटौती करने के बारे में सोच रही हैं। ये माना जा रहा है कि सरकार 12 प्रतिशत के स्लैब वाले जीएसटी रेट को खत्म कर सकती है और इस स्लैब में आने वाले गुड्स को 5 प्रतिशत या जरूरत पड़ने पर 18 प्रतिशत के स्लैब में डाल सकती है। इस कोशिश का मकसद जीएसटी रेट स्ट्रक्चर को रेशनलाइज्ड बनाने के साथ कंजप्शन को बढ़ाना है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से ये जानकारी मिली है। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के सुझावों को बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के समूह यानी जीओएम के सामने रख दिया गया है। मंत्रियों का ये ग्रुप जीएसटी रेट में कटौती के साथ इसे रेशनलाइज्ड बनाने के बारे में सोच रहे है। अप्रैल 2023 में 600 आइटम्स पर 18 प्रतिशत जीएसटी स्लैब में 275 पर 12 प्रतिशत रेट वाले स्लैब में, 280 आइटम्स 5 प्रतिशत स्लैब में और 50 आइटम्स के करीब 28 प्रतिशत में आते हैं।
बजट सेशन का पहला भाग खत्म
15वें वित्त आयोग के चेयरमैन एन के सिंह ने भी 4 जीएसटी रेट्स की जगह 3 स्लैब करने को कहा है। इस मीडिया के रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय और जीएसटी काउंसिल ने इसपर अपना कोई रिएक्शन नहीं दिया है। बजट सेशन का पहला भाग खत्म हो चुका है और ये माना जा रहा है कि जल्द ही जीएसटी काउंसिल की बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें इस बात आगे चर्चा होगी।
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जीएसटी छूट का प्रावधान
एक रिसर्च पेपर के अनुसार, जीएसटी रेट को रेशनलाइजेशन बनाने का ये सही समय है। नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ पब्लिक फाइनेंस एंड पॉलिसी के अनुसार, जिन प्रोडक्ट्स पर जीएसटी छूट दिया जा रहा है, उसका बड़ा फायदा कम इनकम वाले सेगमेंट से ज्यादा अमीर परिवारों को हो रहा है। गरीबों के कंजप्शन बास्केट में शामिल आइटम्स में से 20 प्रतिशत से भी कम आइटम्स पर जीएसटी छूट मिलता है जबकि अमीरों के खपत बास्केट के आइटम्स में ज्यादा सामानों पर जीएसटी छूट का प्रावधान मौजूदा समय में हैं।
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हालांकि लंबे समय में ये मांग उठ रही है कि जीएसटी के स्लैब में बदलाव किया जाए और रेट्स को तर्कसंगत बनाया जाए। अभी जीएसटी के अंतर्गत टैक्स के 4 स्लैब हैं। वे 4 स्लैब 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 28 प्रतिशत के हैं। कुछ लग्जरी और सिनफुल आइटम पर अलग से सेस का प्रावधान है। जीएसटी के स्लैब की संख्या को 4 से घटाकर 3 करने की मांग उठ रही है।
