इंडियन इकोनॉमी को मिला बूस्टर डोज, जून में हुआ इतना GST कलेक्शन
अगस्त 2016 को केंद्र सरकार ने एक अलग टैक्स गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी को लागू किया था। पिछले 8 सालों में इस टैक्स से सरकारी खजाने में काफी बढ़त हुई है।
- Written By: अपूर्वा नायक
जीएसटी कलेक्शन (सौ. सोशल मीडिया )
भारत के गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स यानी जीएसटी कलेक्शन को लेकर एक बहुत बड़ी गुड न्यूज आ रही हैं। बताया जा रहा है कि जून 2025 का जीएसटी कलेक्शन 1.85 लाख करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल के जून महीने की तुलना में 6.2 प्रतिशत तक बढ़ गया है।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को इससे जुड़े कुछ आंकड़े जारी किए हैं। हालांकि, मई के मुकाबले में जून का कलेक्शन थोड़ा घट गया है, क्योंकि अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड 2.37 लाख करोड़ रुपये और मई में 2.01 लाख रुपये का कलेक्शन हुआ था।
8 सालों में जीएसटी ने किया कमाल
जीएसटी को लागू करके 8 साल पूरे हो गए हैं और इस दौरान कलेक्शन में भारी उछाल देखने के लिए मिला है। केंद्र सरकार के अनुसार, पिछले 5 सालों में जीएसटी कलेक्शन दोगुनी रफ्तार से बढ़ा हैं। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में टोटल 22.08 लाख करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ था, जो फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के 11.37 लाख करोड़ रुपये से कई गुना ज्यादा है। ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि जीएसटी सिस्टम अब देश की इकोनॉमी का सबसे मजबूत स्तंभ बन चुका है।
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इंडियन इकोनॉमी को मिला बूस्ट
जीएसटी कलेक्शन में इस बढ़त को इकोनॉमिस्ट और बिजनेसमैन पॉजिटिव रिजल्ट मान रहे हैं। इससे सरकार को इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और दूसरी स्कीम्स के लिए ज्यादा फंड मिल सकता है। साथ ही बिजनेसमैन का टैक्स सिस्टम के साथ भी तालमेल बेहतर हुआ है, जिससे टैक्स चोरी में भी गिरावट आयी है। सरकार का कहना है कि जीएसटी ने ना सिर्फ टैक्स सिस्टम को आसान बनाया है, बल्कि देश की इकोनॉमी को और ट्रांसपरेंट भी किया है।
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ईयरली कलेक्शन में 9.4 प्रतिशत की बढ़त
फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में जीएसटी कलेक्शन ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। इस साल टोटल 22.08 लाख करोड़ डिपॉजिट हुआ है, जो फाइनेंशियल ईयर 2024 के 20.18 लाख करोड़ रुपये से 9.4 प्रतिशत ज्यादा है। ये अब तक का सबसे ज्यादा ईयरली जीएसटी कलेक्शन है, जो जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से दर्ज किया गया है।
