आज सोने-चांदी का भाव (सोर्स-सोशल मीडिया)
Gold-Silver Rate Drop Today In India: भारतीय सर्राफा बाजार में इस सप्ताह कीमतों में जबरदस्त हलचल देखी गई है जहां भारत में सोने की कीमत में गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है। 8 फरवरी 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार सोने और चांदी दोनों ही धातुओं के दाम जमीन पर आ गए हैं। इस गिरावट ने शादी-ब्याह के सीजन में खरीदारी करने वालों के लिए एक सुनहरा अवसर पैदा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं के भावों में नरमी का रुख बना हुआ है।
बीते एक सप्ताह में 24 कैरेट सोने की कीमत में 3980 प्रति 10 ग्राम की बड़ी कमजोरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही 22 कैरेट गोल्ड के भाव में भी करीब 3650 की साप्ताहिक गिरावट आई है जिससे बाजार में काफी हलचल है। पिछले सात दिनों में निवेशकों ने कीमती धातुओं से दूरी बनाई है जिसका सीधा असर अब इन कीमतों पर साफ तौर पर पड़ रहा है।
चांदी की बात करें तो इसने सोने से भी ज्यादा गिरावट का सामना किया है और एक हफ्ते में 65,000 तक फिसल गई है। 8 फरवरी की सुबह चांदी की कीमत घटकर अब 2,85,000 प्रति किलोग्राम के नए स्तर पर पहुंच चुकी है। जबकि महज कुछ दिन पहले यानी 30 जनवरी को चांदी का भाव 4 लाख के पार चला गया था।
राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की आज की ताजा कीमत 1,56,750 प्रति 10 ग्राम पर स्थिर बनी हुई है। वहीं मायानगरी मुंबई में 24 कैरेट गोल्ड का रेट 1,56,600 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है जो अन्य शहरों के मुकाबले कम है। चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों में भी 22 कैरेट सोने का भाव 1,43,550 के आसपास चल रहा है।
जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,56,750 प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर देखी जा रही है। अहमदाबाद और भोपाल के बाजारों में भी 24 कैरेट का भाव 1,56,650 प्रति 10 ग्राम के आसपास मंडरा रहा है। इन सभी प्रमुख शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 1,43,600 से लेकर 1,43,700 के बीच बनी हुई है।
ग्लोबल मार्केट में सोने का हाजिर भाव वर्तमान में 5087.73 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी का भाव भी गिरकर अब 74 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है। वैश्विक मंदी की आहट और डॉलर की मजबूती ने इन कीमती धातुओं पर काफी दबाव बनाया हुआ है।
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जेपी मॉर्गन जैसी बड़ी संस्थाओं ने अनुमान जताया है कि साल के अंत तक सोने की कीमतें 6300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती हैं। केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने की भारी मांग के चलते कीमतों में फिर से उछाल आने की पूरी संभावना बनी हुई है। साल 2026 में विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक लगभग 800 टन सोना खरीद सकते हैं जिससे बाजार सुधरेगा।
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी अपने उच्च स्तर से लगभग 41 प्रतिशत तक नीचे गिर चुकी है। ऐसे में छोटे निवेशकों को अभी थोड़ा इंतजार करना चाहिए या धीरे-धीरे खरीदारी शुरू करने पर विचार करना चाहिए। सोने और चांदी की कीमतों में यह अस्थिरता आने वाले कुछ और दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।