Gold-Silver Today: ट्रंप के फैसले से चमका सोना, एक ही दिन में 2000 रूपए की तेजी, चांदी फिर 2.5 लाख पहुंची

Gold-Silver Rate: 22 अप्रैल 2026 को सोने के दाम ₹1,53,699 और चांदी ₹2,49,423 के पार पहुंच गई। अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल ने सर्राफा बाजार में आग लगा दी है।
Gold-Silver Price Today 22 April 2026
सोने-चांदी की कीमतों में तेजी (फाइल फोटो)
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Gold-Silver Price Today 22 April 2026: भारतीय सर्राफा बाजार में आज सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज किया गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना ₹2,000 से ज्यादा यानी करीब 1.3% बढ़कर ₹1,53,699 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमतों में और भी तेज बढ़त देखी गई, जो ₹4,700 यानी करीब 2% उछलकर ₹2,49,423 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड 0.8% चढ़कर 4,755 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पार पहुंच गया। इससे पहले वाले सत्र में इसमें 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह रिकवरी आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए फिलहाल ₹1,52,800 से ₹1,51,500 का स्तर सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है, जबकि ₹1,54,850 से ₹1,55,500 के बीच रेजिस्टेंस बना हुआ है।

सोने-चांदी के लिए सीजफायर फायदेमंद

आज सोने-चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे कई वैश्विक और आर्थिक कारण माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्षविराम को आगे बढ़ाने की घोषणा की है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20% संभालता है, ऐसे में वहां तनाव बना रहना बाजार में अनिश्चितता पैदा करता है, जिससे निवेशक सुरक्षित निवेश यानी सोने की ओर रुख करते हैं।

इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतें भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं और 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रही हैं। इससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जो सोने के दाम को सपोर्ट देती है। डॉलर इंडेक्स में हल्की कमजोरी भी सोने की कीमतों में तेजी का एक अहम कारण है। डॉलर में 0.1% की गिरावट आई है, जिससे अन्य मुद्राओं के मुकाबले सोना सस्ता हो जाता है और इसकी मांग बढ़ती है।

ब्याज दरों में कटौती जल्दबाजी में नहीं

वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व (FED)के संभावित नए चेयरमैन केविन वार्श के बयान ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया है। उन्होंने महंगाई को नियंत्रित करने पर जोर दिया और संकेत दिया कि ब्याज दरों में कटौती जल्दबाजी में नहीं की जाएगी। इससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

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