Gold and Silver Rate: 3351 रुपये कम हुआ गोल्ड रेट, चांदी भी सस्ती, खरीदारों के लिए खुशखबरी

Gold and Silver Prices: सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है जिससे उपभोक्ताओं को भारी राहत मिली है। शादियों के सीजन में इस गिरावट को खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका माना जा रहा है।
Gold and Silver Prices
सोना और चांदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Gold and Silver Prices Down: सोने और चांदी की कीमतों में अचानक आई तेज गिरावट ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। शुक्रवार को कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव 3351 रुपये तक गिर गया। शादियों के सीजन में इस गिरावट को खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका माना जा रहा है। रिकॉर्ड ऊंचाई से कीमतों के नीचे आने से बाजार में एक बार फिर रौनक लौटने की उम्मीद है।

₹3351 सस्ता हुआ सोना

शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई। MCX पर दिसंबर फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 2.64 प्रतिशत यानी 3351 रुपये सस्ता होकर 1,23,400 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया। इसी तरह चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। MCX पर दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी 4.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,55,530 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

रिकॉर्ड हाई से ₹6000 लुढ़का भाव

सर्राफा बाजार में भी सोने के दाम नीचे आए हैं। 24 कैरेट शुद्ध सोने का रेट 1,24,794 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। 23 कैरेट सोना 1,24,294 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,14,311 रुपये के स्तर पर था। जबकि 17 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने का दाम 1,30,874 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई पर था। तब से लेकर अब तक, 24 कैरेट गोल्ड की कीमतों में लगभग 6000 रुपये की बड़ी गिरावट आई है। यह उन लोगों के लिए एक सुनहरा मौका है जो ऊंची कीमतों के कारण खरीदारी नहीं कर पा रहे थे।

खरीदारों ने ली राहत की सांस

कीमतों में गिरावट की खबर सुनते ही खरीदारों ने राहत की सांस ली है। भारत में अब फिर से शादियों का सीजन चल रहा है और ऐसे समय में सोने का सस्ता होना उपभोक्ताओं के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। दशहरा और दिवाली के बाद भारतीय बाजारों में फिजिकल गोल्ड की खरीदारी कुछ धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब कीमतें गिरने से बाजार में फिर से तेजी आने की संभावना है।

भारत खरीद रहा है खूब सोना

सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक भी इस समय बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी कर रहे हैं। भारत भी उन देशों में शामिल है जिसने हाल के वर्षों में अपने गोल्ड रिजर्व में काफी इजाफा किया है। सेंट्रल बैंकों की यह खरीदारी लंबी अवधि में सोने की मांग को मजबूत बनाए रखती है।

20 साल में 1200% बढ़ा सोना

भले ही अभी कीमतें गिरी हों लेकिन लंबी अवधि में सोने ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। साल 2005 में सोने का भाव सिर्फ 7,638 रुपये प्रति 10 ग्राम था। सितंबर 2025 तक यह रेट बढ़कर 1,25,000 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान सोने की कीमतों में 1200 प्रतिशत से भी ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। इस साल अबतक भी सोने ने 56 प्रतिशत की तेजी दिखाई है, जो इसे एक मजबूत निवेश विकल्प बनाता है।

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