

Adani Group AGM 2026 Meeting: अदाणी ग्रुप ने वित्त वर्ष 2025-26 में हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर पर 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड निवेश किया। यह जानकारी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने बुधवार को आयोजित 34वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) 2026 में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए दी। गौतम अदाणी ने बताया कि यह रकम वित्त वर्ष 2025-26 में निजी क्षेत्र द्वारा किए गए कुल नए निवेश का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि यह निवेश केवल एक वित्तीय उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के भविष्य और विकास क्षमता पर समूह के विश्वास का प्रतीक है।
उन्होंने कहा, “हमारे लिए यह केवल एक वित्तीय आंकड़ा नहीं, बल्कि भरोसे का प्रमाण है। भारत के निर्माण और विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का इससे बड़ा उदाहरण नहीं हो सकता कि हम उस इंफ्रास्ट्रक्चर में इतने बड़े पैमाने पर निवेश कर रहे हैं, जो देश के अगले विकास अध्याय को गति देगा।”
शेयरहोल्डर्स को संबोधित करते हुए गौतम अदाणी ने आगे कहा कि किसी ग्रुप के इतिहास में कुछ साल ऐसे होते हैं जो सिर्फ माइलस्टोन से कहीं ज्यादा अहमियत रखते हैं। ये साल निर्णायक साबित होते हैं और आपके पक्के इरादे और मुश्किलों का सामना करने की ताकत को साबित करते हैं। ये साल उन लोगों के बीच का फर्क दिखाते हैं जो साफ तस्वीर का इंतजार करते हैं और जो उतार-चढ़ाव के बीच भी आगे बढ़ते हुए निर्माण करते हैं। अदाणी ग्रुप के लिए वित्त वर्ष 2025-26 ऐसा ही एक साल था। अदाणी ग्रुप के चेयरमैन ने कहा, यह ऐसा साल था जिसमें दुनिया और ज्यादा बंटी हुई नजर आई। एनर्जी सिक्योरिटी के जटिल मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौट आए और टेक्नोलॉजी देश की संप्रभुता का अटूट हिस्सा बन गई। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद, आपका अदाणी ग्रुप एक अटूट विश्वास पर टिका रहा कि भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता।
गौतम अदाणी ने कहा, यह तरक्की हमारे लिए आसान हालात में नहीं हुई। यह बहुत अधिक जांच-पड़ताल के बीच हुई। फिर भी, हम झुके नहीं। हम रुके नहीं, क्योंकि हमारी पहचान इससे नहीं बनती कि हमारे आस-पास कितना शोर है, बल्कि इससे बनती है कि हम उस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। चुनौती कितनी बड़ी है, इससे नहीं, बल्कि हमारे मकसद की स्पष्टता से। आलोचना से नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण से, जिसमें हम गहराई से विश्वास करते हैं।
इस विश्वास का एक उदाहरण इस साल की शुरुआत में आया 25,000 करोड़ रुपए का राइट्स इश्यू था। गौतम अदाणी ने आगे कहा, "यह सिर्फ पूंजी जुटाने का एक इवेंट नहीं था। मैंने इसे हमारी विश्वसनीयता पर एक जनमत संग्रह के तौर पर देखा। यह भारत की कॉर्पोरेट दुनिया के इतिहास के सबसे बड़े राइट्स इश्यू में से एक था, और आपकी प्रतिक्रिया बहुत साफ थी। ऐसे समय में जब कुछ लोगों ने शक पैदा करने की कोशिश की, आपने पूरे भरोसे के साथ जवाब दिया, आपने भागीदारी के साथ प्रतिक्रिया दी, और आपने हमें भारत के निर्माण में मदद जारी रखने का जनादेश दिया।
एजेंसी इनपुट के साथ-