जुलाई के महीने बढ़ा विदेशी पोर्टफोलियो निवेश, शेयरों से आएं 33,600 करोड़ रुपये

बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भारतीय शेयर बाजार इस साल विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है। हालांकि, कुछ घटनाक्रमों की वजह से मासिक आधार पर इनमें कुछ उतार-चढ़ाव रह सकता है।
FPIs have invested Rs 33,600 crore in shares so far in July
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : भारत में होने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने जुलाई के महीने में भारतीय शेयर मार्केट में कुल 33,600 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। इसके पीछे का कारण अच्छी पॉलिसी रिफॉर्मस के जारी रहने, सतत इकोनॉमी ग्रोथ और देश की कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों को बताया जा रहा है।

हालांकि, सरकार द्वारा बजट में वायदा और विकल्प व्यापार (एफएंडओ) और इक्विटी निवेश से पूंजीगत लाभ पर कर में बढ़ोतरी के बाद एफपीआई ने पिछले तीन कारोबारी सत्रों (24-26 जुलाई) में शेयरों से 7,200 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। बाजार विशेषज्ञों का मानना ​​है कि भारतीय शेयर बाजार इस साल विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए अच्छी स्थिति में है। हालांकि, कुछ घटनाक्रमों की वजह से मासिक आधार पर इनमें कुछ उतार-चढ़ाव रह सकता है।

उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है

बजाज फिनसर्व एएमसी के सीआईओ निमेश चंदन ने कहा, "भारतीय शेयर बाजार और ऋण या बॉन्ड बाजार इस वर्ष अनुकूल स्थिति में हैं। इससे देश में विदेशी प्रवाह आकर्षित होना चाहिए। हालांकि, माह-दर-माह आधार पर इसमें कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।'' डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने इस महीने (26 जुलाई तक) शेयरों में शुद्ध रूप से 33,688 करोड़ रुपये का निवेश किया है।

एफपीआई ने शेयरों से 8,700 करोड़ रुपये निकाले

इससे पहले जून में शेयरों में 26,565 करोड़ रुपये का निवेश आया था। एफपीआई ने चुनावी नतीजों को लेकर असमंजस के बीच मई में शेयरों से 25,586 करोड़ रुपये निकाले थे। मॉरीशस के साथ भारत की कर संधि में बदलाव और अमेरिकी में बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी की चिंताओं के कारण अप्रैल में एफपीआई ने शेयरों से 8,700 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की थी।

कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर

मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, "आर्थिक रूप से भारत मजबूत स्थिति में है। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे है। इससे कॉरपोरेट जगत का बही-खाता सुधरा है।'' उन्होंने कहा, "इसके अलावा, सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कटौती की उम्मीद बढ़ी है।''

जीडीपी के अनुमान से बढ़ेगा एफपीआई

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) द्वारा भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अनुमान में बढ़ोतरी की वजह से भी एफपीआई निवेश बढ़ेगा। आंकड़ों के अनुसार, एफपीआई ने समीक्षाधीन अवधि में शेयरों के अलावा ऋण या बॉन्ड बाजार में 19,223 करोड़ रुपये डाले हैं। बॉन्ड बाजार में एफपीआई का निवेश इस साल अबतक 87,847 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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