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इलेक्ट्रिक व्हीकल्स उद्योग की तेज होती रफ्तार

  • By विष्णू भारद्वाज
Updated On: May 29, 2024 | 04:13 PM
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मुंबई: देश में इको-फ्रेंडली और किफायती इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के उपयोग को बढ़ावा देने के मोदी सरकार (Modi Government) के प्रयास सफल होने लगे हैं। महंगे होते पेट्रोल (Petrol) और डीजल (Diesel) के कारण भी लोग इलेक्ट्रिक वाहन (Electric Vehicles) का उपयोग करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। अब महाराष्ट्र सहित कई राज्य भी सब्सिडी देकर लोगों को प्रोत्साहित कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2021-22 में ईवी की रिटेल बिक्री में 220% का जोरदार उछाल आया है और बिक्री 4.29 लाख वाहनों तक पहुंच गयी है, जो अब तक की सर्वाधिक सेल है। सबसे ज्यादा 2.31 लाख हाई स्पीड ई-दोपहिया वाहन बिके। वर्ष के दौरान इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की बिक्री में तो 466% का जबरदस्त उछाल आया। 

दोपहिया के साथ इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहनों की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। शहरों में माल ढ़ुलाई के लिए आसान और सस्ता होने के कारण लोग इलेक्ट्रिक तिपहिया पसंद कर रहे हैं। बीते वर्ष ई थ्री-व्हीलर की बिक्री 101% बढ़कर 1.78 लाख के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गयी, लेकिन चार्जिंग स्टेशनों की कम संख्या और सीमित विकल्पों के कारण इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री बहुत कम है। पूरे साल केवल 17,802 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई, जो पिछले साल के 4984 वाहनों की तुलना में 257% अधिक है। हालांकि अब कई कंपनियों द्वारा नए किफायती मॉडल लॉन्च किए जाने के कारण ग्राहकों के पास विकल्प बढ़ रहे हैं। जिससे इस साल दोपहिया, तिपहिया के साथ ई-कारों की बिक्री के भी रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है।

 केंद्र की ‘पीएलआई’ स्कीम गेमचेंजर बनेगी

विशेषज्ञों का कहना है कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के विशेष प्रयासों से इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री (Electric Vehicle Industry) की रफ्तार तेज हो रही है और यह एक सनराइज इंडस्ट्री के रूप में उभर रही है। नितिन गडकरी ने जिस तरह इथेनॉल (Ethanol) उत्पादन को बढ़ावा देकर शुगर इंडस्ट्री (Sugar Industry) की कायापलट दी है, उसी तरह अब अपनी विकास उन्मुख नीतियों से ऑटो इंडस्ट्री (Auto Industry) की तस्वीर बदलने में जुट गए हैं। देश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और बैटरी सेल निर्माण में ‘आत्मनिर्भरता’ लाने में केंद्र की ‘पीएलआई’ स्कीम (PLI Scheme) गेमचेंजर बनेगी। हालांकि इंडस्ट्री को अभी बहुत लंबा सफर तय करना है, लेकिन जैसे-जैसे चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ रही है। बैटरियों की अदला-बदली सुविधा (बैटरी स्वैपिंग फैसिलिटी) बढ़ रही है तथा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा सब्सिडी दिए जाने से दाम कम हो रहे हैं, वैसे-वैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बिक्री में तेजी आ रही है। अब पेट्रोल-डीजल के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने से भी लोगों का झुकाव ई-वाहनों के प्रति तेजी से बढ़ा है। बढ़ती मांग को देख सभी कंपनियां उत्पादन क्षमता भी बढ़ा रही हैं।

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‘फेम इंडिया’ स्कीम ने बढ़ाई गति

मांग को प्रोत्साहन देने में फेम इंडिया स्कीम (Fame India Scheme) महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। सरकार ने जहां स्कीम के दूसरे चरण की अवधि को बढ़ाकर मार्च 2024 तक कर दिया है, वहीं स्कीम के तहत 10 लाख दोपहिया, 5 लाख तिपहिया, 55 हजार कारों और 7 हजार ई-बसों पर सब्सिडी देने के लिए 10,000 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया है। सब्सिडी 10 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपए किए जाने से ई-स्कूटरों की डिमांड को बूस्ट मिला है। अब कारों और तिपहिया की मांग भी तेजे होने लगी हैं। ‘क्रिसिल रिसर्च’ का अनुमान है कि 2026 तक भारत का ईवी मार्केट 3 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा।

निवेशक भी हो रहे आकर्षित

ब्रोकिंग हाउस सिस्टेमैटिक्स शेयर्स की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक, विकास गति तेज होने से इस इंडस्ट्री की उभरती कंपनियों के प्रति निवेशक भी आकर्षित हो रहे हैं। हालांकि इस इंडस्ट्री से जुड़ी चुनिंदा कंपनियां ही स्टॉक मार्केट में लिस्टेड हैं। जिनमें टाटा मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज ऑटो, टीवीएस, हीरो मोटो, वार्डविजार्ड इनोवेशन्स, अतुल ऑटो वाहन निर्माता कंपनियां हैं तथा मिंडा इंडस्ट्रीज, एंड्योरेंस टेक्नोलॉजी, मदरसन सूमी वायरिंग, सोना कोमस्टार, इंडिया निपोन इलेक्ट्रिकल्स ई-वाहन उपकरण निर्माता हैं। जबकि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने में टाटा पावर, एचपीसीएल, बीपीसीएल, इंडियन ऑयल और अडाणी टोटल गैस अग्रणी भूमिका अदा कर रही हैं।

टाटा मोटर्स ई-पैसेंजर व्हीकल्स में मार्केट लीडर

ई-पैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट में 88% हिस्सेदारी के साथ टाटा ग्रुप की वाहन निर्माता टाटा मोटर्स (Tata Motors Ltd.) मार्केट लीडर बन गयी है। टाटा ने पिछले साल सर्वाधिक 15,198 कारें बेची। इसके मॉडल ‘एक्सप्रेस-टी, टिगोर, नेक्सॉन’ सबसे सस्ते होने के कारण लोकप्रिय हो रहे हैं। इनका एक्स शोरूम मूल्य 9.5 लाख, 12 लाख और 14 लाख रुपए है। टाटा के बाद एमजी मोटर्स (MG Motors) के पास 10% मार्केट हिस्सेदारी है। इसके हाई-एंड मॉडल ‘एमजी जेएस’ की कीमत 21 लाख रुपए है। अब हुंडई, महिंद्रा, किया, ओला, मर्सडीज, ऑडी बीएमडब्ल्यू, मारूति सुजुकी, टोयोटा सहित कई कार कंपनियां नए ईवी मॉडल लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं।

हाई स्पीड दोपहिया में हीरो इलेक्ट्रिक अव्वल

हाई स्पीड ई-व्हीकल्स सेगमेंट सबसे तेज ग्रोथ कर रहा है। सिस्टेमैटिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सेगमेंट में हीरो इलेक्ट्रिक (Hero Electric) 29% हिस्सेदारी और 600 डीलरों के साथ मार्केट लीडर है। इसके ‘फेम-2’ स्वीकृत स्कूटर मॉडल ‘फोटोन एलपी, ऑप्टिमा, एनवाईएक्स’ 40 से 45 किमी प्रति घंटा की स्पीड देते हैं और सब्सिडी के साथ इनका एक्स शोरूम मूल्य लगभग 57 हजार से 64 हजार रुपए है। 21% हिस्सेदारी और 450 डीलरों के साथ ओकिनावा (Okinawa Autotech) दूसरे स्थान पर है। इसके पास 4 मॉडल ‘रिडज+, प्रेज प्रो, आईप्रेज+, ओखी-90’ हैं, जो 45 से 90 की स्पीड देते हैं और इनका मूल्य 64 हजार से 1.22 लाख रुपए तक है। 11% हिस्सेदारी और 500 डीलरों के साथ एम्पीयर (Ampere Electric) तीसरे स्थान है। एम्पीयर की प्रमोटर लिस्टेड कंपनी ग्रीव्ज कॉटन लिमिटेड (Greaves Cotton Ltd.) है। एम्पीयर के ‘जील ईएक्स’ और ‘मैग्नस’ स्कूटर 50 से 55 की स्पीड देते हैं और इनकी कीमत 60 हजार से 65 हजार रुपए है। चौथे स्थान पर एथर एनर्जी ( Ather Energy) है, जिसमें हीरो मोटो (Hero Motocorp Ltd.) की 35% इक्विटी पूंजी है। एथर के पास 9% मार्केट हिस्सेदारी है। इसके ‘एथर 450 प्लस’ और ‘एथर 450 एक्स’ 80 किमी की अधिकतम स्पीड देते हैं और इनका मूल्य 1.13 लाख से 1.32 लाख रुपए है। प्योर एनर्जी (Pure Energy Motors) के पास 7% हिस्सेदारी है। तेजी से आगे आ रही ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) के पास 6% हिस्सेदारी आ गयी है। इसके ‘एस1’ और ‘एस1 प्रो’ 90 से 115 किमी की अधिकतम स्पीड देते हैं। इनका मूल्य 1 लाख से 1.30 लाख रुपए है।

बजाज और टीवीएस भी बढ़ा रही फोकस

पुरानी दिग्गज कंपनियां बजाज (Bajaj Auto Ltd.) और टीवीएस (TVS Motor) के पास समान रूप से 4% हिस्सेदारी है और अब ये इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया पर अधिक ध्यान देने की योजना बना रही हैं। बजाज का ‘चेतक’ स्कूटर एक बेहतरीन मॉडल है और 80 की स्पीड देता है। ‘चेतक’ का मूल्य 1.38 लाख रुपए है। जबकि टीवीएस का ‘आईक्यूब’ 78 की टॉप स्पीड देता है और इसकी कीमत 97 हजार रुपए है।   

लो स्पीड ई-दोपहिया में शीर्ष पर वार्डविजार्ड

लो स्पीड दोपहिया में कई स्टार्टअप और एसएमई प्लेयर हैं, जो बड़ी संख्या में ई-दोपहिया बेच रहे हैं, लेकिन इनके बिक्री आंकड़े अभी तक वाहन पोर्टल पर नहीं लिए जा रहे हैं। जिसके कारण इनके बिक्री आंकड़ों की सही संख्या उपलब्ध नहीं है, परंतु इस सेगमेंट में 550 डीलर नेटवर्क के साथ वार्डविजार्ड इनोवेशन्स (WardWizard Innovations and Mobility Ltd.) एकमात्र लिस्टेड प्लेयर और मार्केट लीडर है। इसने बीते वर्ष रिकॉर्ड 30,761 ई-दोपहिया बेचे। वार्डविजार्ड ‘जॉय ई-बाइक’ ब्रांड नाम से स्कूटर और बाइक बनाती है। इसका ई-स्कूटर 30 से 35 किमी की स्पीड देता है, जिसका मूल्य सब्सिडी के साथ 50 हजार रुपए है। कंपनी अब 65 तक की स्पीड वाले 3 हाई स्पीड मॉडल लॉन्च कर रही है।

[blockquote content=”ई-पैसेंजर व्हीकल्स की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हमने उत्पादन में तेजी लाने की योजना बनाई है। पिछले दो महीनों में हमें ईवी रेंज के लिए प्रतिमाह औसतन 5,500-6,000 बुकिंग मिल रही हैं। ई-व्हीकल्स की भारी मांग से उपभोक्ताओं के बड़ी संख्या में ऑर्डर अभी लंबित हैं। इसलिए ईवी बिजनेस पर फोकस बढ़ाते हुए अगले 5 साल में टाटा मोटर्स ने 15,000 करोड़ रुपए का निवेश करने का निर्णय लिया है। ‘एक्सप्रेस-टी, टिगोर, नेक्सॉन’ की सफलता के बाद अब हमारी पहली ई-एसयूवी ‘कर्व’ को बाजार में पेश करने की योजना है। इस एसयूवी का मकसद उन उपभोक्ताओं की जरूरत को पूरा करना है, जो नए उत्पाद के साथ कुछ अलग डिजाइन और फीचर चाहते हैं। ” pic=”” name=”-शैलेश चंद्र, प्रबंध निदेशक, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हिकल”]

[blockquote content=”बढ़ते प्रदूषण और दिन-प्रतिदिन महंगे होते पेट्रोल-डीजल के कारण लोगों में अब तेजी से जागगरूकता आ रही है। केंद्र व राज्य सरकारें भी सब्सिडी देकर प्रोत्साहन दे रही हैं। अब स्वेदश में निर्माण से लागत घटने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एवं बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क में विस्तार से भी मांग में तेजी आएगी। इसका असर दिखने भी लगा है। लोग तेजी से आकर्षित हो रहे हैं और हर माह बिक्री बढ़ रही है। इस तरह ई-व्हीकल्स सनराइज इंडस्ट्री के रूप में उभर रही है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वार्डविजार्ड इनोवेशन्स नए लो और हाई स्पीड टू व्हिलर का देश में उत्पादन बढ़ा रही है। हमा जल्द ही हम थ्री व्हिलर भी लॉन्च करेंगे। साथ ही हम डीलर नेटवर्क 550 से बढ़ाकर 1,000 तक करेंगे। इस साल हमारा लक्ष्य 1 लाख ई-व्हीकल्स बेचने का है। ” pic=”” name=”-शीतल भालेराव, मुख्य परिचालन अधिकारी, वार्डविजार्ड इनोवेशन्स एंड मोबिलिटी”]

Fast pace of electric vehicle industry

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Published On: Apr 18, 2022 | 07:01 AM

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