

EPFO Services Latest Update: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने गुरुवार को ऐलान किया कि कई ऑनलाइन सर्विसेज जैसे क्लेम दर्ज करना और ई-पासबुक सुविधाएं सिस्टम माइग्रेशन के चलते अगले कुछ दिनों तक उपलब्ध नहीं होंगी। ईपीएफओ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सिस्टम माइग्रेशन की योजना के तहत, 26 जून से 29 जून के बीच मेंबर पोर्टल, एम्प्लॉयर पोर्टल और उमंग ऐप पर सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी।
ईपीएफओ ने आगे कहा कि सेवाओं को कुछ समय के लिए बंद करना सिस्टम अपग्रेड की योजना का हिस्सा है, जिसका मकसद पक्षधारकों को तेज, अधिक भरोसेमंद और सुरक्षित सेवाएं देना है। ईपीएफओ ने कहा कि 30 जून से सेवाओं के फिर से शुरू होने की उम्मीद है।
माइग्रेशन के दौरान, सदस्य और नियोक्ता कई जरूरी सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे, जैसे कि क्लेम सबमिट करना और प्रोसेस करना, इलेक्ट्रॉनिक चालान-कम-रिटर्न (ईसीआर) फाइल करना, नए कर्मचारियों के लिए यूएएन लिंक करना और ई-पासबुक सर्विस। इसके अलावा, ईपीएफओ ने सदस्यों को सलाह दी है कि वे इस अस्थायी रुकावट के दौरान होने वाली परेशानी से बचने के लिए अपने काम की योजना उसी हिसाब से बनाएं।
ईपीएफओ ने इस दौरान मुश्किलों का सामना कर रहे पक्षकारों को मदद का भरोसा दिया है और कहा कि किसी भी सहायता के लिए ईपीएफओ कॉल सेंटर के नंबर 14470 पर संपर्क करें। वहीं, उमंग ऐप के जरिए ईपीएफओ की सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को ऐप पर एक नोटिफिकेशन दिखा रहा है जिसमें बताया गया कि निर्धारित माइग्रेशन गतिविधियों के कारण सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं और इनके 2 जुलाई को फिर से शुरू होने की उम्मीद है। मैसेज में आगे कहा गया कि हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। ईपीएफओ देश भर में लाखों सैलरी पाने वाले कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग्स को मैनेज करता है और अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और उमंग ऐप के जरिए कई तरह की डिजिटल सेवाएं देता है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने कंफ्यूटर सॉफ्टवेयर नए तरीके से अपडेट कर रहा है। उसे नया और आधुनिक बनाया जा रहा है। इस नए सिस्टम को केंद्रीकृत तकनीक सक्षम सिस्टम या ईपीएफओ 2.01 नाम दिया गया है। इस नए सॉफ्टवेयर के लिए मुख्य कंप्यूटर सर्वर को इसी महीने इंस्टॉल कर दिया जाएगा। इस काम को पूरा होते ही ब्याज का पैसा सीधे कर्मचारियों के अकाउंट में भेज दिए जाएंगे।
इस नए सॉफ्टवेयर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जहां पहले सभी कर्मचारियों के खाते में ब्याज का पैसा भेजने में 4 महीने तक का समय लगता था, अब वह सिर्फ 7 से 10 दिनों के भीतर ही पूरा कर लिया जाएगा। नए सिस्टम से ट्रांसफर की प्रक्रिया में और तेजी आएगी