सतीश सेठ गिरफ्तार, SBI के 114.98 करोड़ रुपये धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी के करीबी Satish Seth गिरफ्तार

Satish Seth Arrest: ईडी ने एसबीआई के 114.98 करोड़ के भारी बैंक लोन फ्रॉड मामले में अनिल अंबानी के करीबी सतीश सेठ को मुंबई से गिरफ्तार किया है। अब उन्हें रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।
Loan Fraud: Satish Seth Arrest by ED in 114.98 Crore SBI Case Involving Anil Ambani Aide
प्रवर्तन निदेशालय (सोर्स- सोशल मीडिया)
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SBI Fraud Satish Seth Arrest: प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व अधिकारी सतीश सेठ को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुंबई में गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से जुड़े 114.98 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड से संबंधित है, जिसमें गौतम दोशी भी शामिल हैं। गिरफ्तारी के बाद इन दोनों अधिकारियों को मुंबई की एक स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत से जांच एजेंसी को इन दोनों अधिकारियों की 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड मिल गई है और अब उन्हें दिल्ली लाया जा रहा है।

चूंकि यह मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दिल्ली में दर्ज किया गया है, इसलिए जांच एजेंसी की टीम रिमांड अवधि में दोनों को दिल्ली अदालत में पेश करेगी। दिल्ली लाकर प्रवर्तन निदेशालय की टीम आगे की पूछताछ और विस्तृत जांच के लिए हिरासत की मांग करेगी। सतीश सेठ को लंबे समय तक अनिल अंबानी का बेहद करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माना जाता रहा है। वे रिलायंस ग्रुप के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के वाइस-चेयरमैन के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।

सीबीआई जांच के बाद कड़ी कार्रवाई

इस बड़े आर्थिक अपराध की शुरुआत केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई से हुई थी, जिसने इसी साल मार्च महीने में यह मामला दर्ज किया था। सीबीआई ने सतीश सेठ और गौतम दोशी के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके कई परिसरों और ठिकानों पर छापेमारी भी की थी। सीबीआई की इसी लिखित शिकायत को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय ने भी मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत अपनी जांच शुरू की है।

ग्यारह बैंकों के समूह से धोखाधड़ी

सीबीआई की जांच के अनुसार, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया कुल 11 बैंकों के एक बड़े कंसोर्टियम या समूह का प्रमुख सदस्य था। इसी समूह ने रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड को कुल 735 करोड़ रुपये की टर्म लोन सुविधा मंजूर की थी। इसी स्वीकृत लोन में से 114.98 करोड़ रुपये की राशि में भारी धोखाधड़ी और वित्तीय हेरफेर करने का गंभीर आरोप इन अधिकारियों पर लगा है। अब प्रवर्तन निदेशालय इस पूरे बैंक लोन फ्रॉड मामले में सतीश सेठ और गौतम दोशी दोनों की वास्तविक भूमिकाओं की गहराई से जांच कर रहा है।

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