संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का बयान, बोले- भारत ने तय किए 6G सर्विस स्टैंडर्ड
इंडिया मोबाइल कांग्रेस यानी आईएमसी में अंतरराष्ट्रीय 6जी सेमीनार के उद्घाटन के अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि चूंकि 6जी के लिए स्टैंडर्ड तय किए जा रहे हैं, इसलिए टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में अपनी सिद्ध कैपेसिटी को देखते हुए भारत के पास जबरदस्त मौका हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
ज्योतिरादित्य सिंधिया (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : कम्यूनिकेशन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आईएमसी के सेमीनार के मौके पर आज 6जी सर्विस को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि 6जी से संबंधित स्टैंडर्ड और रुल्स से सभी के लिए समावेशिता और सामर्थ्य सुनिश्चित करना काफी जरूरी होना चाहिए।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस यानी आईएमसी में अंतरराष्ट्रीय 6जी सेमीनार के उद्घाटन के अवसर पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि चूंकि 6जी के लिए स्टैंडर्ड तय किए जा रहे हैं, इसलिए टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग में अपनी सिद्ध कैपेसिटी को देखते हुए भारत के पास जबरदस्त मौका हैं।
वास्तविक मूल्य का प्रतिनिधित्व
मंत्री ने कहा, ‘‘ हमारे 6जी मानक जो अभूतपूर्व गति, कम विलंबता और परिवर्तनकारी अनुप्रयोगों की विशेषता रखते हैं, सभी के लिए समावेशी, सुलभ व किफायती होने चाहिए और केवल तभी यह समग्र मानवता के वास्तविक मूल्य का प्रतिनिधित्व करेंगे।”
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रेग्यूलेशन के कंस्ट्रक्शन में योगदान
सिंधिया ने 6जी अवसर का लाभ उठाने वाले प्रत्येक नागरिक के लिए साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘‘ जैसा कि हम रेग्यूलेशन वातावरण तैयार करते हैं, भारत के पास रेग्यूलेशन के कंस्ट्रक्शन में योगदान देने की जबरदस्त कैपेसिटी है।’
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एडवांस तकनीके के खोलेगा दरवाजे
भारत में एसटीईएम यानी साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग या गणित ग्रेजुएट की एक बड़ी संख्या है। इसकी टेक्नोलॉजी प्रगति एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करती है क्योंकि दुनिया 6जी की ओर बढ़ रही है। मंत्री ने कहा, ‘‘ दुनिया के करीब 31.7 प्रतिशत एसटीईएम ग्रेजुएट भारत से हैं। यह 6जी टेक्नोलॉजी का जीवंत समर्थक बनने का एक बड़ा अवसर प्रस्तुत करता है जो कृत्रिम मेधा यानी एआई, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और मशीन लर्निंग के लिए दरवाजे खोलेगा।”
सबसे महत्वपूर्ण साइबर सिक्योरिटी
सिंधिया ने कहा कि दूरसंचार अधिनियम 2023 में हाल में किए गए बदलाव की रूपरेखा इस आधार पर तैयार की गई कि भारत के टेलीकॉम इंफ्रा का मॉर्डनाजेशन हो सके, उपग्रह संचार के हाई कैपेसिटी वाले सेक्टर से अब तक अनसुलझे सेक्टर पर प्रकाश डाला जा सके, डिजिटल युग की चुनौतियों का समाधान किया जा सके, जिनमें सबसे महत्वपूर्ण साइबर सिक्योरिटी है। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारत में विकास के लिए महत्वपूर्ण अन्य सेक्टरों की तरह टेलीकॉम सेक्टर भी तेजी से आगे बढ़ने वाला और महत्वाकांक्षी है तथा अमृत काल से शताब्दी काल तक की हमारी यात्रा में इसका लक्ष्य वर्ल्ड का नेतृत्व करना है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
