

नई दिल्ली: दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख औद्योगिक सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और प्रधानमंत्री के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि बीते ग्यारह वर्षों में देश ने अभूतपूर्व आत्मविश्वास के साथ विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि आज भारत 140 करोड़ नागरिकों के भरोसे और मेहनत से 11वीं से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। इस उपलब्धि में देश के उद्योग जगत की भागीदारी को भी अहम मानते हुए उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने को एक सौभाग्य बताया।
सिंधिया ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि देश की तरक्की केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नागरिकों की सोच और विश्वास में भी दिखाई देती है। आज भारत सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक आत्मनिर्भर और निर्णायक राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के कारोबारी समुदाय ने लगातार सरकार की नीतियों में सहयोग किया है और इस साझेदारी ने भारत को एक नई पहचान दी है।
प्रधानमंत्री ने बनाया भरोसे का रिश्ता कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि बीते ग्यारह वर्षों में प्रधानमंत्री ने 140 करोड़ देशवासियों के साथ ऐसा विश्वास का रिश्ता कायम किया है, जिसने देश के आत्मबल को नया आकार दिया है। इसी विश्वास के चलते भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर खड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बदलाव में नीति निर्माण से लेकर जमीनी स्तर तक सभी ने योगदान दिया है।
उद्योग जगत की भूमिका को बताया अहम
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने वक्तव्य में उद्योग जगत के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह समुदाय देश के विकास में एक मजबूत स्तंभ के रूप में हमेशा खड़ा रहा है। चाहे उत्पादन का क्षेत्र हो या नवाचार का, उद्योग जगत ने समय के साथ अपनी भूमिका निभाई है और भारत को आगे ले जाने में सरकार का भरपूर साथ दिया है।