बेंगलुरु CGST अधिकारियों पर CBIC ने कसी नकेल, जबरन वसूली के आरोप में किया गिरफ्तार

सीबीआईसी ने बेंगलुरु के कुछ सीजीएसटी अधिकारियों को जबरन वसूली की शिकायत के आधार पर निलंबित कर दिया है। आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी चार गिरफ्तार जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया है।
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नई दिल्ली : केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड यानी सीबीआईसी ने बेंगलुरु ने कुछ अधिकारियों पर कड़ी कारवाई की है। सीबीआईसी ने बेंगलुरु के कुछ सीजीएसटी अधिकारियों पर कारवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। बेंगलुरु पुलिस ने जबरन वसूली के आरोप में इन अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया था।

सीबीआईसी ने शुक्रवार को बताया कि बेंगलुरू ईस्ट क्षेत्र के बयप्पनहल्ली पुलिस थाने में एक व्यापारी द्वारा दर्ज अपहरण और जबरन वसूली की शिकायत के आधार पर बेंगलुरु नगर अपराध शाखा ने 11 सितंबर को केंद्रीय माल एवं सेवा कर (सीजीएसटी) के चार अधिकारियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लोगों में जीएसटी के निरीक्षक और वरिष्ठ खुफिया अधिकारी रैंक के कर्मचारियों के अलावा एक अधीक्षक रैंक का अधिकारी भी शामिल है।

जबरन वसूली का सहारा

सीबीआईसी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर पोस्ट में कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार बताया गया है कि बेंगलुरु में कुछ सीजीएसटी अधिकारियों ने कथित जबरन वसूली का सहारा लिया है। “इसमें शामिल अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है।”

शून्य-सहिष्णुता की नीति का पालन

सीबीआईसी ने कहा कि वह उन पुलिस अधिकारियों के संपर्क में है, जिन्होंने इन गिरफ्तार अधिकारियों को रिमांड पर लिया था। उसने कहा, “मामले में जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीबीआईसी पारदर्शी और व्यापार-अनुकूल कर प्रशासन स्थापित करने के अपने प्रयास में आधिकारिक कदाचार के मामलों में शून्य-सहिष्णुता की नीति का पालन करता है।”

धन शोधन निवारण अधिनियम

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी चार गिरफ्तार जीएसटी अधिकारियों के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया है। इन पर ईडी के अधिकारी बनकर यहां व्यवसायी से 1.5 करोड़ रुपये की जबरन वसूली करने का आरोप है। सूत्रों ने बताया कि बेंगलुरू सिटी क्राइम ब्रांच द्वारा आरोपियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए उनके खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धाराएं लगाई गई हैं। एजेंसी सूत्रों ने बताया कि चारों लोग कारोबारी के पास फर्जी छापेमारी के लिए गए और दावा किया कि वे ईडी से हैं और उन्होंने उसे धमकी देकर 1.5 करोड़ रुपये की वसूली की।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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