कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Canada PM Mark Carney India Visit 2026: कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भारत आ रहे हैं जो दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बर्फ पिघलने का संकेत है। यह दौरा पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में आई कड़वाहट को भुलाकर व्यापार और निवेश के नए अवसरों को तलाशने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। ट्रंप टैरिफ की चुनौतियों के बीच कनाडा अब भारत जैसे बड़े बाजारों की ओर देख रहा है ताकि अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती और नई दिशा प्रदान कर सके। भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से हो रही यह यात्रा न केवल आर्थिक बल्कि सामरिक दृष्टि से भी दोनों देशों के लिए बहुत महत्वपूर्ण साबित होगी।
पीएम मार्क कार्नी 27 फरवरी को व्यापारिक राजधानी मुंबई पहुंचेंगे जहां वे दो दिनों तक देश के दिग्गज सीईओ और उद्योगपतियों के साथ सीधी बातचीत करेंगे। इस दौरान वे फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स, इनोवेटर्स और भारत में सक्रिय कनाडाई पेंशन फंड्स के प्रतिनिधियों से भी मिलकर निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा करेंगे। इसके बाद 1 मार्च को वे दिल्ली पहुंचेंगे और 2 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में एक उच्चस्तरीय बैठक करेंगे जिसमें भविष्य की योजनाओं पर बात होगी। इस मुलाकात में ट्रेड, इन्वेस्टमेंट, एनर्जी, क्रिटिकल मिनरल्स और रिसर्च जैसे गंभीर मुद्दों पर दोनों नेताओं के बीच आम सहमति बनने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।
तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच व्यापारिक रिश्ते काफी मजबूत रहे हैं और वित्त वर्ष 2023-24 में द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 8.4 अरब डॉलर यानी 70,611 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह व्यापार कुछ कम होकर 7.2 से 7.5 अरब डॉलर के बीच रहा, लेकिन दोनों पक्ष अब इसे फिर से बढ़ाने की कोशिश में हैं। भारत की ओर से कनाडा को रत्न, ज्वेलरी, कपड़े और फार्मा प्रोडक्ट्स भेजे जाते हैं जबकि वहां से कागज, पोटाश, आयरन स्क्रैप और इंडस्ट्रीयल केमिकल भारत आते हैं। यह आयात-निर्यात का संतुलन ही दोनों देशों को एक-दूसरे के लिए आर्थिक रूप से बेहद जरूरी बनाता है और इसी साझेदारी को कार्नी अब आगे ले जाना चाहते हैं।
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अमेरिका और कनाडा के बीच बढ़ते तनाव और ट्रंप टैरिफ के दबाव ने कनाडा को नए व्यापारिक सहयोगियों की तलाश करने के लिए मजबूर कर दिया है। स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो सेक्टर में टैरिफ वॉर के चलते कनाडाई अर्थव्यवस्था को जो नुकसान हो रहा है, उसकी भरपाई के लिए भारत एक सुरक्षित विकल्प है। भारत के साथ रिश्तों में सुधार होने से न केवल व्यापार बढ़ेगा बल्कि वैश्विक मंच पर दोनों देशों की स्थिति भी अधिक मजबूत और प्रभावशाली होकर उभरेगी। मार्क कार्नी की यह यात्रा दिखाती है कि पुरानी गलतियों को पीछे छोड़कर विकास के रास्ते पर आगे बढ़ना ही कूटनीति की सबसे बड़ी और असली जीत होती है।
Ans: मार्क कार्नी 27 फरवरी से 2 मार्च 2026 तक भारत के आधिकारिक दौरे पर रहेंगे।
Ans: वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़कर 8.4 अरब डॉलर यानी करीब 70,611 करोड़ रुपये हो गया था।
Ans: पीएम कार्नी 2 मार्च को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक करेंगे।
Ans: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव और ट्रंप टैरिफ के कारण कनाडा अपनी अर्थव्यवस्था के लिए भारत जैसे दूसरे बड़े बाजारों की ओर रुख कर रहा है।
Ans: भारत कनाडा को रत्न, ज्वेलरी, कीमती पत्थर, फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट्स, रेडीमेड कपड़े और स्टील जैसी वस्तुएं भेजता है।