नहीं थम रही है बायजू की मुश्किलें, ऑडिटर के इस्तीफे को लेकर हो रहा है बवाल

बायजू की ऑडिट कंपनी बीडीओ ने कंपनी को पिछली तारीख से रिपोर्ट प्रकाशित करने की सलाह दी थी, जिसको कंपनी ने मानने से मना कर दिया था। कंपनी के इस एक्शन को लेकर कंपनी के ऑडिटर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे कंपनी ने दिखावटी बताया है।
Byjus auditor suggested issuing the report with retrospective effect
बायजू ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : एजुकेशन टेक्नोलॉजी कंपनी बायजू की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही है, ये कंपनी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। शनिवार को इस कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी यानी सीईओ बायजू रवींद्रन ने बायजू का ऑडिट संभालने वाली कंपनी पर गंभीर आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि बायजू की ऑडिट कंपनी बीडीओ ने कंपनी को रिपोर्ट को पिछली तारीख से प्रकाशित करने का सुझाव दिया था, लेकिन कंपनी ने इस सलाह को अस्वीकार कर लिया है। जिसके बाद कंपनी के ऑडिटर ने इस्तीफा दे दिया है, जिसपर प्रतिक्रिया देते हुए कंपनी ने इसे दिखावटी बताया है।

ऑडिट फर्म के रूप में बीडीओ के इस्तीफे पर रवींद्रन ने पीटीआई-भाषा को बताया कि ऑडिटर दिवाला कार्यवाही के बारे में सबसे पहले जानते हैं, लेकिन उन्होंने इसके बारे में अदालत द्वारा नियुक्त दिवाला समाधान पेशेवर (आईआरपी) को सूचित नहीं किया। उन्होंने कहा, "उन्होंने हमें कई बार पिछली तारीखों में रिपोर्ट करने के लिए कहा है। यह सब हाल ही में हुआ है। हम सहमत नहीं थे। हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।"

ऑडिटरों ने नहीं किया कोई काम

एमएसकेए एंड एसोसिएट्स ने बीडीओ इंडिया से सम्बद्ध बायजू के ऑडिट का काम संभाला था। एमएसकेए ने फर्म के ऑडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया है। रवींद्रन ने कहा कि ऑडिटरों ने पश्चिम एशिया स्थित साझेदार के साथ लेन-देन के फोरेंसिक ऑडिट के लिए कहा था, जिसे जून में मंजूरी दे दी गई थी, लेकिन ऑडिटरों ने इस पर कोई काम नहीं किया।

कुछ भी किया है वह कानूनी रूप से भी अस्वीकार्य

रवींद्रन ने कहा, “यह बच निकलना है, निराधार है और उन्होंने ऐसा उस समय किया जब हम बोर्ड में नहीं थे। हम अभी भी बोर्ड में नहीं हैं। उन्हें बोर्ड को सूचित करना चाहिए था। पिछले 45 दिनों में, उन्होंने बोर्ड को कुछ भी नहीं बताया है। यह न केवल निराधार है, बल्कि उन्होंने जो कुछ भी किया है वह कानूनी रूप से भी अस्वीकार्य है।” एमएसकेए एंड एसोसिएट्स और बीडीओ इंडिया को वेबसाइट के माध्यम से भेजे गए सवालों के जवाब इस खबर के लिखे जाने तक नहीं मिले थे।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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