75 सालों में सबसे अलग होगा इस बार बजट भाषण (सोर्स-सोशल मीडिया)
Nirmala Sitharaman 9th consecutive budget: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज यानी 1 फरवरी 2026 को अपना लगातार 9वां बजट पेश करने जा रही हैं जो एक नया रिकॉर्ड है। यह बजट पिछले 75 वर्षों के इतिहास में सबसे अनोखा होने वाला है क्योंकि इसके प्रेजेंटेशन का तरीका काफी अलग होगा। पूरी दुनिया के अर्थशास्त्री इस बजट पर अपनी नजरें जमाए हुए हैं क्योंकि इसमें भारत का नया आर्थिक विजन दिखेगा। निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट के साथ भारत की भविष्य की आर्थिक प्राथमिकताओं को दुनिया के सामने पेश करेंगी।
आमतौर पर बजट भाषण के पार्ट ए में बहुत अधिक विस्तार होता था लेकिन इस बार पार्ट बी बहुत विस्तृत होने वाला है। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस बार वित्त मंत्री से उम्मीद है कि वह पार्ट बी में घोषणाओं पर बहुत गहराई से बात करेंगी। बजट भाषण के इस हिस्से में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों लक्ष्यों पर विशेष रूप से जोर दिया जाएगा।
बजट भाषण के पार्ट बी वाले हिस्से में भारत के आर्थिक विजन और सरकार की मुख्य प्राथमिकताओं का विस्तार से जिक्र होगा। इसके अलावा इसमें भारत की क्षमताओं और उन्हें दुनिया के सामने पेश करने के रोडमैप के बारे में भी बताया जाएगा। यही कारण है कि इस बार के बजट पर देश के साथ-साथ दुनिया भर के विशेषज्ञों का ध्यान काफी अधिक रहने वाला है।
वित्त मंत्री का बजट भाषण कल सुबह 11 बजे से शुरू होगा और इसके लगभग 60 से 90 मिनट तक चलने की संभावना है। भाषण के तुरंत बाद बजट से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में पेश किए जाएंगे। लोग बजट की लाइव स्ट्रीमिंग संसद टीवी और प्रेस सूचना ब्यूरो के यूट्यूब चैनल के अलावा सरकारी वेबसाइट पर देख सकते हैं।
यह निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट होगा जो अपने आप में एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनने जा रहा है। रविवार होने के बावजूद बजट पेश होना और शेयर बाजार का खुला रहना इस दिन को और भी अधिक महत्वपूर्ण बनाता है। पिछली चर्चाओं के अनुसार निवेशक इस बजट में टैक्स राहत और एसटीटी जैसे शुल्कों में कटौती की भी उम्मीद कर रहे हैं।
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बजट में यह दिखाया जाएगा कि देश के विकास के लिए भविष्य में किस तरह की आर्थिक और व्यापारिक संभावनाएं मौजूद हैं। पार्ट बी के जरिए सरकार यह संदेश देने की कोशिश करेगी कि भारत वैश्विक स्तर पर अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कैसे करेगा। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस तरह का प्रेजेंटेशन भारत की अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा और गति प्रदान कर सकता है।