केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, (सोर्स-IANS)
Nirmala Sitharaman On Income Tax Slab: बजट 2026 से मध्यम वर्ग को उनके उम्मीदों के मुताबिक सरकार से राहत नहीं मिली। आम आदमी इस बजट से भी इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव की राह देख रहा था। हालांकि, वित्त मंत्री ने इसको लेकर कोई बड़ी घोषणाएं नहीं की। इसके बाद से यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा। अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मामले पर खुद सफाई दी हैं। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया है कि डायरेक्ट टैक्स में किसी भी तरह का बदलाव क्यों नहीं हुआ।
एक टीवी चैनल से इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि हमने आयकर में जो पिछले साल छूट दिया उसका फायदा इस साल से होगा उससे पहले मैं इनकम टैक्स में फिर से छूट कैसे दूं। अगर मैं हर व्यक्ति का 7.76 लाख रुपये से 8 लाख तक किया तो आप बोल सकते हैं कि 9 तक करें 10 तक करें। 4 लाख से सीधा इतना छूट देने के बाद कैसे इस साल भी इनकम टैक्स में छूट दूं।
केंद्रीय बजट 2026 पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम जितना बजट देते हैं वो पूरा इस्तेमाल होता है। सरकार ने भविष्य का बजट पेश किया है। हमने 25 साल की प्लानिंग की है। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि हर राज्य की क्षमता पर खर्च निर्भर करता है। इनकम टैक्स पर पिछले साल की फायदा इस साल मिल रहा है। हमारे देश में महंगाई कंट्रोल में है।
निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में बैंकिंग की स्थिति मजबूत है। हर स्कीम में देश की जनता की भागीदारी जरूरी है। सरकार का मकसद छोट उद्योग को बढ़ाना है। आत्मनिर्भरता हमारी प्राथमिकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि ‘रेअर अर्थ कॉरिडोर में नौकरियां मिलेंगी। हमारी सरकार ने MSME के लिए कई मजबूत फैसले लिए। 7 ऐसे सेक्टर हैं, जिनका भारत को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण रोल है।
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अमेरिकी कृषि मंत्री ब्रूक रोलिंस के बयान पर निर्मला सीतारमण ने कहा कि अभी ट्रेड को लेकर फाइनल साइन नहीं हुआ है जब होगा तो सही से पता चल जाएगा। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने स्पष्ट कर दिया कि कृषि और डेयरी सेक्टर के हितों की रक्षा की जाएगी। हमारे मंत्री ने संसद में ये स्टेटमेंट स्पष्ट किया। बाकी तो फाइनल एग्रीमेंट के बाद होगा।