Budget 2026: बजट में अहमदाबाद-मुंबई प्रोजेक्ट के लिए क्या है खास? जानें क्या है सरकार का मास्टर प्लान
Ahmedabad Mumbai Project: बजट 2026 में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन की बढ़ी लागत 1.98 लाख करोड़ को मंजूरी और 2027 में पहला सेक्शन शुरू करने का लक्ष्य है। 55% काम पूरा होने के साथ 2029 की डेडलाइन तय है।
- Written By: प्रिया सिंह
अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (सोर्स-सोशल मीडिया)
Ahmedabad-Mumbai bullet train budget 2026: बजट 2026 में अहमदाबाद-मुंबई हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर यानी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को लेकर सरकार ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। वित्त मंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए फंड आवंटन और समयसीमा को लेकर महत्वपूर्ण रोडमैप पेश किया है। पिछले कुछ वर्षों में भूमि अधिग्रहण और कोविड-19 के कारण हुई देरी के बाद अब यह प्रोजेक्ट अपनी पूरी रफ्तार पर है। इस बजट का मुख्य उद्देश्य परियोजना की बढ़ी हुई लागत को संतुलित करना और निर्माण कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करना है।
लागत में भारी बढ़ोतरी
बजट चर्चाओं के अनुसार, देरी के कारण इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत अब बढ़कर लगभग ₹1.98 लाख करोड़ तक पहुंच गई है। शुरुआती दौर में इस कॉरिडोर के लिए ₹1.08 लाख करोड़ का बजट रखा गया था, लेकिन अब इसमें 83% का इजाफा देखा जा रहा है। सरकार इस अतिरिक्त वित्तीय बोझ को वहन करने के लिए विशेष बजटीय प्रावधान कर रही है ताकि काम बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
निर्माण की वर्तमान स्थिति
अश्विनी वैष्णव के हालिया बयानों के अनुसार, प्रोजेक्ट का 55% से अधिक भौतिक कार्य पूरा किया जा चुका है। महाराष्ट्र के पालघर में पहले माउंटेन टनल (MT-5) का सफल ब्रेकथ्रू हाल ही में एक बड़े मील के पत्थर के रूप में हासिल किया गया है। बजट में अब सुरंगों के निर्माण और ट्रैक बिछाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए अलग से भारी निवेश की व्यवस्था की गई है।
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संचालन की नई समयसीमा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 अगस्त 2027 को सूरत और बिलिमोरा के बीच पहला 100 किलोमीटर का सेक्शन शुरू होगा। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य सेक्शन खोले जाएंगे और 2029 तक पूरा 508 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर पूरी तरह संचालित होने लगेगा। यह नया रोडमैप निवेशकों और यात्रियों के लिए एक स्पष्ट विजन प्रदान करता है, जिससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
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आर्थिक और तकनीकी लाभ
बुलेट ट्रेन न केवल यात्रा के समय को 7 घंटे से घटाकर मात्र 2 घंटे कर देगी, बल्कि यह जापान की शिंकानसेन तकनीक का भारत में हस्तांतरण भी सुनिश्चित कर रही है। बजट 2026 में इस परियोजना के तहत स्थानीय स्तर पर कलपुर्जों के निर्माण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जैसे शहरों को एक मजबूत ‘इकोनॉमिक कॉरिडोर’ के रूप में जोड़ने का काम करेगा।
