

Asian Stock Market Crash: एशियाई बाजारों में मची खलबली दुनिया भर के शेयर बाजारों में आज हलचल तेज है और एशियाई बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के टूटने के डर ने निवेशकों के मन में अनिश्चितता पैदा कर दी है। इस तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी आ गई है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है।
एशिया के प्रमुख बाजारों में बिकवाली का दौर हावी है। शुरुआती कारोबार में दक्षिण कोरिया का केओएसपीआई (KOSPI) लगभग 2% तक गिर गया है। वहीं, जापान का निक्केई (Nikkei) भी 1% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। हालांकि, हांगकांग और चीन के बाजारों में थोड़ी बहुत तेजी देखी गई है, जो निवेशकों के लिए हल्की राहत की बात है।
शांति समझौते के भविष्य को लेकर चिंताओं के चलते ब्रेंट क्रूड 0.85% बढ़कर 72.6 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया है। इसके अलावा, निवेशकों को अमेरिकी फेडरल रिजर्व (Fed) के आगामी फैसले का भी डर सता रहा है। अनुमान है कि फेड ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे कंपनियों की कमाई पर बुरा असर पड़ सकता है।
विदेशी बाजारों में मचे इस कोहराम के बावजूद भारतीय बाजार से अच्छी खबरें आ रही हैं। जानकारों का मानना है कि भारतीय बाजार का स्ट्रक्चर काफी मजबूत बना हुआ है। Nifty के आज लगभग 34 अंक ऊपर खुलने के संकेत मिल रहे हैं। बैंक निफ्टी में भी तेजी का अनुमान लगाया जा रहा है, जो भारतीय निवेशकों के लिए एक सकारात्मक खबर है।
बाजार पर केवल राजनीतिक तनाव ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का भी दबाव है। निवेशकों को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों की वैल्यूएशन अब बहुत ज्यादा बढ़ गई है। ऐपल जैसी कंपनियों द्वारा कीमतों में की गई वृद्धि और बड़ी टेक कंपनियों के कमाई अनुमानों ने बाजार में विपरीत चुनौतियां पैदा कर दी हैं।