

Reliance Group Chairman Anil Ambani Birthday: आज 4 जून को रिलायंस ग्रुप के मशहूर बिजनेसमैन अनिल अंबानी का जन्मदिन मनाया जाता है। देश के सबसे नामी और लोकप्रिय उद्योगपतियों में उनका नाम बहुत ही प्रमुखता से लिया जाता है। हालांकि वह इस वक्त कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं लेकिन उनकी पहचान आज भी कायम है। साल 2008 में उनकी कुल संपत्ति 42 अरब डॉलर थी और वह दुनिया के छठे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए थे।
उनके पिता धीरूभाई अंबानी और बड़े भाई मुकेश अंबानी की तरह ही वह भी काफी मशहूर हैं। आज हम आपको उनके जन्मदिन के इस खास मौके पर उनके जीवन से जुड़े अनसुने पहलू बताएंगे। उनके जीवन में कई बड़े उतार-चढ़ाव आए और साल 2020 में उन्हें ब्रिटेन की एक अदालत में खुद को दिवालिया घोषित करना पड़ा। अनिल अंबानी के नेतृत्व में रिलायंस ग्रुप को भारी कर्ज, कानूनी लड़ाई और सार्वजनिक जांच का सामना करना पड़ा। इन तमाम मुश्किलों के बावजूद इस दिग्गज कारोबारी ने कभी भी हार नहीं मानी।
साल 2005 में रिलायंस इंडस्ट्रीज के बंटवारे के बाद अनिल को टेलीकॉम, फाइनेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर जैसे अहम सेक्टर मिले थे। शुरुआती सफलताओं ने उन्हें बिजनेस इंडिया और टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा "बिजनेसमैन ऑफ द ईयर" का पुरस्कार भी दिलाया। रिलायंस पावर के 2008 के आईपीओ ने 11,563 करोड़ रुपये जुटाए, लेकिन धीरे-धीरे उनका साम्राज्य डगमगाने लगा। कामयाबी के लिए अपने काम से प्यार करना और हमेशा समय पर काम करना बहुत ज्यादा जरूरी होता है। ऐसा सुना जाता है कि अनिल अंबानी सुबह ठीक 9:30 पर ऑफिस पहुंचते हैं और रात 9:30 पर घर निकलते हैं। इस तरह वह रोजाना पूरे 12 घंटे सिर्फ अपने काम पर ध्यान देते हैं और एक वर्कोहोलिक इंसान हैं।
साल 1986 में अनिल की मुलाकात उस दौर की मशहूर और टॉप एक्ट्रेस टीना मुनीम से पहली बार हुई थी। पहली नजर में ही अनिल को टीना पसंद आ गई थीं लेकिन शुरुआत में परिवार इस शादी के खिलाफ था। बड़े भाई मुकेश अंबानी की मदद से परिवार माना और साल 1991 में एक फुटबॉल स्टेडियम में उनकी शानदार शादी हुई। उनके दो बेटे बेटों जय अनमोल और जय अंशुल हैं।
अनिल अंबानी कारोबार में उनकी शानदार वापसी में उनके दोनों बेटों जय अनमोल और जय अंशुल का बहुत बड़ा योगदान रहा। अपनी पिछली गलतियों से सीखते हुए अनिल ने वापसी का पक्का संकल्प लिया जो उनके दृढ़ विश्वास को दर्शाता है। वह अब अपनी कंपनियों के लिए पूरी तरह से एक सुरक्षित और कर्ज-मुक्त रणनीति पर गंभीरता से ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
भारी कर्ज के कारण एक बार फिर अनिल अंबानी को चुनौतियों का सामना करना पड़ा, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कैपिटल ने 2019 और 2021 में दिवालियापन के लिए आवेदन किया। साल 2020 तक अनिल की कुल संपत्ति शून्य हो गई और उन्हें कई गंभीर कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। साल 2019 में एरिक्सन के साथ कर्ज विवाद में उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी ने उन्हें जेल जाने से बचाया।
व्यापार के साथ-साथ अनिल अंबानी ने देश की राजनीति में भी अपना बहुत ही अहम और बड़ा कदम रखा था। साल 2004-2006 के बीच उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य सभा से एक स्वतंत्र उम्मीदवार की हैसियत से चुनाव लड़ा था। इस चुनाव को जीतकर वह मेंबर ऑफ पार्लियामेंट भी बने।
हाल ही में अनिल अंबानी एक बार फिर सुर्ख़ियों में आये। अनिल अंबानी ग्रुप पर हजारों करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं और घोटालों का आरोप लगाया गया है। उनके ऑफिस सहित 7 जगहों पर ED ने रेड की। जिसके बाद उनके खिलाफ ED की कार्यवाही अभी जारी है।