

Amul Mother Dairy Milk Price Hike Latest News In Hindi: आम आदमी की रसोई के बजट पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। देश की सबसे बड़ी डेयरी सहकारी संस्था, अमूल और मदर डेयरी ने पूरे भारत में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। बुधवार, 13 मई को जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, दूध के सभी वेरिएंट्स के दाम में प्रति लीटर 2 रुपये का इजाफा किया गया है। यह बढ़ी हुई दरें गुरुवार, 14 मई 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगी।
अमूल दूध ने इस अचानक की गई बढ़ोतरी के पीछे परिचालन लागत और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का हवाला दिया है। कंपनी के अनुसार, पिछले कुछ समय में पशु आहार (चारे) की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। इसके अलावा, दूध की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और परिवहन लागत में भी इजाफा हुआ है। कंपनी का कहना है कि दूध के दाम बढ़ाना इसलिए जरूरी था ताकि उत्पादन की बढ़ती लागत का बोझ किसानों पर न पड़े और उन्हें उनके दूध का सही मूल्य मिल सके, जिससे उनका यह व्यवसाय आर्थिक रूप से मजबूत बना रहे।
इस बढ़ोतरी के बाद अमूल के विभिन्न दूध वेरिएंट्स की कीमतें अब इस प्रकार होंगी:
| वैरिएंट | पैकेट | पुरानी कीमत | नई कीमत | बढ़ोतरी |
|---|---|---|---|---|
| Amul Taaza | 500 मिली | ₹29 | ₹30 | ₹1 |
| Amul Taaza | 1 लीटर | ₹57 | ₹59 | ₹2 |
| Amul Cow Milk | 500 मिली | ₹30 | ₹31 | ₹1 |
| Amul Shakti | 500 मिली | ₹32 | ₹33 | ₹1 |
| Amul Tea Special | 1 लीटर | ₹65 | ₹67 | ₹2 |
| Amul Gold | 500 मिली | ₹35 | ₹36 | ₹1 |
| Amul Gold | 1 लीटर | ₹70 | ₹72 | ₹2 |
| Amul Buffalo Milk | 500 मिली | ₹38 | ₹39 | ₹1 |
मदर डेयरी ने अपने सभी प्रकार के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जो 14 मई 2026 से लागू हो जाएगी। मदर डेयरी ने भी इस फैसले के पीछे का कारण दूध उत्पादन की लागत में वृद्धि को बताया है। अब कल से ग्राहक को फुल क्रीम, टोन्ड और डबल टोन्ड जैसे सभी तरल दूध के लिए प्रति लीटर दो रुपये अधिक चुकाने होंगे।
गौरतलब है कि अमूल ने इससे पहले 1 मई 2025 को दूध के दाम बढ़ाए थे तब भी 2 रुपये प्रति लीटर की ही वृद्धि हुई थी। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत में खुदरा महंगाई दर में उछाल देखा गया है।
अप्रैल के आंकड़ों के अनुसार, CPI महंगाई दर बढ़कर 3.48 फीसदी तक पहुंच गई है जिसका मुख्य कारण सब्जियों और खाद्य उत्पादों की कीमतों में तेजी है। इसके अलावा, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध ने भी वैश्विक स्तर पर महंगाई को बढ़ावा दिया है, जिसका सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं की रसोई पर पड़ रहा है।