अदाणी ग्रुप की अनूठी पहल, शुरु होगा भारत का पहला ऑफ-ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट
एशिया के दूसरे दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी ने एक अनूठी पहल की शुरुआत की है। अदाणी ग्रुप ने गुजरात में भारत का पहला ऑफ ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरु किया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
अदाणी ग्रुप (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : अदाणी ग्रुप के नाम एक और सफलता लग गई है। हाल ही में अदाणी ग्रुप ने एक नया कारनामा कर दिखाया है। जानकारी के अनुसार, अदाणी ग्रुप ने गुजरात के कच्छ में भारत का पहला ऑफ ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट एक्सपेरीमेंट लेवल पर चालू कर दिया है। सोमवार को अदाणी ग्रुप द्वारा प्रेस रिलीज जारी करके इस बात की जानकारी दी गई है।
‘ऑफ-ग्रिड ग्रीन हाइड्रोजन’ प्लांट एक ऐसी सुविधा है जो रिन्यूऐबल एनर्जी सोर्सेस जैसे सोलर या विंड एनर्जी द्वारा संचालित ‘इलेक्ट्रोलिसिस’ का इस्तेमाल करके हाइड्रोजन प्रोड्यूस करती है। यह मुख्य इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड से जुड़ा नहीं है। इसका मतलब है कि प्लांट की हाइड्रोजन प्रोडक्शन प्रोसेस पूरी तरह से अपनी रिन्यूऐबल एनर्जी प्रोडक्शन पर निर्भर करती है। यह 5 मेगावाट का प्लांट अदाणी न्यू इंडस्ट्रीज लिमिटेड यानी एएनआईएल के द्वारा तैयार किया गया है। एएनआईएल, अदाणी ग्रुप की मुख्य कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की ग्रीन एनर्जी यूनिट है।
भारत के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को सक्षम करने की दिशा में इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए अदाणी ग्रुप ने कहा कि सफल शुरुआत तकनीकी व्यवहार्यता को दर्शाती है। उत्सर्जन-गहन क्षेत्रों में हरित हाइड्रोजन का ऑफ-ग्रिड, रिन्यूऐबल पावर इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन तथा इसके डेरिवेटिव के लिए एक मिसाल कायम करता है।
सम्बंधित ख़बरें
WPI inflation: थोक महंगाई ने तोड़ा रिकॉर्ड! जून में 9.87% रही दर, पेट्रोल-डीजल महंगी होने से बढ़ेगी चौतरफा मार
India-UK Free Trade: कपड़ा व्यापारियों से लेकर व्हिस्की शौकीनों तक…भारत-यूके समझौते से किसकी चमकेगी किस्मत?
Retail Inflation: थम नहीं रही महंगाई की मार! लगातार छठे महीने बढ़ी दर, जून में थाली से राशन तक सब कुछ महंगा
Gold-Silver Rate Today: अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच सोने-चांदी के भाव में भारी उछाल, जानिए आज सोने-चांदी का भाव
बयान में कहा गया है कि एडवांस प्लांट सोलर एनर्जी को पूरी तरह से हरित तरीके से संचालित है और एक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी बीईएसएस के साथ जुड़ी है। इससे यह पूरी तरह से ‘ऑफ-ग्रिड’ संचालित करने में सक्षम है। यह डीसेंट्रलाइज्ड रिन्यूऐबल पावरड हाइड्रोजन प्रोडक्शन में एक नए प्रतिमान को दर्शाता है। हाइड्रोजन, सबसे हल्का और सबसे प्रचुर तत्व है। यह एनर्जी का सबसे स्वच्छ रूप भी है। इसके जलने पर सिर्फ पानी की भांप का उत्सर्जन होता है।
इंडियन मार्केट में होने जा रही है Phonepe की धमाकेदार एंट्री, जल्द होगा लॉन्च
ऑफ-ग्रिड एसपीवी सिस्टम ग्रिड से स्वतंत्र रूप से काम करता है और इसमें बैटरी होती है जो सिस्टम द्वारा उत्पन्न सौर ऊर्जा को संग्रहीत कर सकती है। एक बार बैटरी बैंक भर जाने पर यह सोलर सिस्टम से बिजली प्राप्त करना बंद कर देगा। संग्रहीत बिजली का उपयोग आवश्यकता के अनुसार किया जा सकता है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
