₹89,000 करोड़ का कोई मालिक नहीं! शेयर बाजार में लावारिस पड़ी है भारी रकम; ऐसे चेक करें अपना पैसा

Unclaimed Money In India: बैंक डिपॉजिट में सबसे ज्यादा 97545 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड पड़ा है। यह पैसा रिजर्व बैंक (RBI) के DEA फंड में जाता है, जहां इस पर सिर्फ 3% साधारण ब्याज मिलता है।
indian currency
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Published on
Updated on

How to Check Unclaimed Dividends: बैंक से लेकर शेयर बाजार तक में काफी भारतीयों की बड़ी रकम लावारिस पड़ी हुई है। यह ऐसी रकम है जिस पर कई वर्षों से किसी से दावा नहीं किया है। 1 Finance Magazine की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिसंबर 2025 तक करीब 89,000 करोड़ रुपये की रकम 1671 लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में फंसी हुई है। ये रकम निवेशक शिक्षा और संरक्षण निधि प्राधिकरण (IEPFA) के पास पड़ी है।

रिपोर्ट के मुताबिक बैंक डिपॉजिट, शेयर, इंश्योरेंस और EPF जैसे सेक्टर में कुल 2.2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति ऐसी है, जिसका कोई दावेदार सामने नहीं आया है। हैरानी की बात यह है कि यह पैसा न केवल बेकार पड़ा है, बल्कि महंगाई के कारण धीरे-धीरे अपनी वैल्यू भी खो रहा है।

रिलायंस समेत कई कंपनियों के शेयर शामिल

  • करीब 166 करोड़ शेयर ऐसे हैं जिन पर किसी ने दावा नहीं किया है।
  • इनमें बड़ी कंपनियों का भी बड़ा हिस्सा शामिल है, जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड।
  • कुल जितनी कंपनियों के शेयर 'लावारिस' हैं, उनमें अकेले रिलायंस की हिस्सेदारी 15% से ज्यादा है।
  • समय के साथ इनकी वैल्यू कई गुना बढ़ चुकी है, लेकिन सही जानकारी या नॉमिनी न होने के कारण ये मालिकों तक नहीं पहुंच पाए।

कहां फंसा है कितना पैसा?

बैंक डिपॉजिट में सबसे ज्यादा 97545 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड पड़ा है। यह पैसा रिजर्व बैंक (RBI) के DEA फंड में जाता है, जहां इस पर सिर्फ 3% साधारण ब्याज मिलता है। बीमा में 20062 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। यह रकम मैच्योरिटी, डेथ क्लेम या सरेंडर वैल्यू के रूप में है। इसके अलावा ईपीएफ में 10,915 करोड़ रुपये 'लावारिस' पड़े हुए हैं। 38% ईपीएफ अकाउंट 5-10 साल से निष्क्रिय हैं। वहीं 21% अकाउंट 20 साल से ज्यादा समय से क्लेम नहीं हुए। म्यूचुअल फंड में 3452 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। यानी इस रकम पर अभी तक किसी ने दावा नहीं किया है। इसमें अनक्लेम्ड डिविडेंड और रिडेम्प्शन शामिल हैं।

क्यों नहीं कर पा रहा कोई दावा?

एक्सपर्ट्स के अनुसार इसके तीन मुख्य कारण हैं-

  • निवेश करते समय नॉमिनी का नाम न जोड़ना या अपडेट न करना।
  • निवेश की परिवार के सदस्यों को जानकारी ना देना।
  • क्लेम प्रक्रिया की जानकारी का अभाव प्रक्रिया के बारे में सही जानकारी न होना।

क्या आपके परिवार का भी तो पैसा नहीं?

अगर आपको लगता है कि बैंक या शेयर बाजार में आपके परिवार का भी पैसा फंसा हो सकता है, तो आप इसको ऐसे चेक कर सकते हैं। शेयर के लिए IEPFA की वेबसाइट (iepf.gov.in) पर जाकर अनक्लेम्ड शेयर चेक करें। वहीं, लावारिस बैंक डिपॉजिट खोजने के लिए RBI के UDGAM पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा बीमा और म्यूचुअल फंड कंपनियों से स्टेटस चेक कर सकते हैं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com