बचत को लेकर भारतीय युवा जागरूक, हर 10 में 6 सेविंग्स को दे रहें प्राथमिकता; रिपोर्ट में खुलासा

Indian Youth: यह सर्वे राष्ट्रीय स्तर पर 20,000 नौकरी खोजने वालों पर किया गया है, जिनकी आय 12.75 लाख रुपए प्रति वर्ष तक है। सर्वे के मुताबिक, एक छोटा सा वर्ग तत्काल खपत की ओर पैसे को खर्च कर रहा है।
How Much Indian Youth Saves in 2025
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Indian Youth Saving: भारतीय युवा पेशेवर अपनी सरपल्स आय को खर्च करने की जगह बचत, निवेश और डेट रीपेमेंट आदि में इस्तेमाल कर रहे हैं। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। जॉब साइट नौकरी के सर्वेक्षण में बताया गया कि करीब 60 प्रतिशत युवा अपनी सरपल्स आय को बचत और निवेश में इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, 30 प्रतिशत युवा उसका उपयोग कर्ज का भुगतान करने के लिए कर रहे हैं।

यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय स्तर पर 20,000 नौकरी खोजने वालों पर किया गया है, जिनकी आय 12.75 लाख रुपए प्रति वर्ष तक है। सर्वेक्षण के मुताबिक, एक छोटा सा वर्ग तत्काल खपत की ओर पैसे को खर्च कर रहा है। वहीं, लाइफस्टाइल अपग्रेड पर 9 प्रतिशत लोग खर्च कर रहे हैं, जबकि 4 प्रतिशत लोग ट्रैवल और घूमने पर खर्च कर रहे हैं।

बचत में कौन सबसे आगे?

रिपोर्ट में बताया गया कि उभरती हुई टेक्नोलॉजी में काम करने वाले पेशेवर बचत में आगे बने हुए हैं। इस सेक्टर के पेशेवर अपनी सरपल्स आय में से 76 प्रतिशत की बचत कर रहे हैं। ऑटो और फार्मा सेक्टर के पेशेवरों के लिए यह आंकड़ा 57 प्रतिशत है। इसके अलावा एफएमसीजी और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के पेशेवर क्रमश : 64 प्रतिशत और 60 प्रतिशत से अधिक अपनी सरपल्स आय की बचत कर रहे हैं।

14 प्रतिशत लोग ट्रैवल में खर्च कर रहे हैं

रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्वेक्षण के निष्कर्ष वित्तीय व्यवहार में पीढ़ीगत बदलाव को दिखाते हैं। युवा भारतीय पेशेवर तत्काल उपभोग का विकल्प चुनने के बजाय दीर्घकालिक सुरक्षा की नींव बना रहे हैं। क्षेत्रीय और उद्योग-वार बारीकियां इस तेजी से विकसित होते ट्रेंड और गहराई प्रदान कर रही हैं। दूसरी ओर, पहली बार नौकरी करने वाले 31 प्रतिशत लोग टैक्स सरपल्स को लाइफस्टाइल अपग्रेड में और 14 प्रतिशत लोग ट्रैवल में खर्च करना चाहते हैं।

नए लोग टैक्स के बार में सबसे अधिक जानकार

रिपोर्ट में बताया गया है कि नई टैक्स व्यवस्था के बारे में जागरूकता असमान बनी हुई है। जहां नए लोग सबसे अधिक जानकारी रखते हैं, जिनमें से 64 प्रतिशत ने लाभों के बारे में पूरी जानकारी होने की बात कही, वहीं पांच वर्ष से अधिक अनुभव वाले 57 प्रतिशत पेशेवरों ने भी पूरी जानकारी होने की बात कही। कुल मिलाकर, 43 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि वे परिवर्तनों के बारे में या तो स्पष्ट नहीं थे या पूरी तरह से अनभिज्ञ थे।

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