

Rohini Acharya On Tejashwi Yadav: लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में तेजस्वी युग की शुरुआत हो गई है। शुक्रवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद पर बैठा दिया गया। लेकिन तेजस्वी की ताजपोशी के साथ लालू परिवार का कलह फिर से उभरने लगा है। बहन रोहिणी आचार्या ने औपचारिक तौर पर पार्टी का सेकेंड इन कमांड बनने पर तंज भरे लहजे में मुबारक बाद दिया है। बड़ी बहन ने छोटे भाई को कठपुतली बने शाहजादे के खिताब से नवाजा है।
इधर पटना में तेजस्वी की ताजपोशी के ऐलान की खबर मीडिया में आई, उधर हजारों किलोमीटर दूरी पर सिंगापुर में बैठी रोहिणी बहन ने ट्वीट कर दिया। मैसेज कोई ऐसा वैसा नहीं है। भाई को पार्टी की कमान मिलने पर तंज भरी बधाई दी तो पिता लालू प्रसाद यादव की गौरवशाली पारी के पटाक्षेप की भविष्यवाणी कर दी।
रोहिणी आचार्या ने घुसपैठिया शब्द के जरिए संजय यादव पर भी बधाई देकर टोंट कस दिया। रोहिणी आचार्या ने लिखा कि सियासत के शिखर- पुरुष की गौरवशाली पारी का एक तरह से पटाक्षेप, ठकुरसुहाती करने वालों और "गिरोह- ए- घुसपैठ" को उनके हाथों की "कठपुतली बने शहजादा" की ताजपोशी मुबारक।
राजद की बैठक से पहले रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। पोस्ट में उन्होंने पार्टी की करारी हार की जिम्मेदारी तय करने पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि बिना डरे हार के जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय राजद का नेतृत्व घुसपैठिए साजिशकर्ताओं के हाथ में है जो लालूवाद और राष्ट्रीय जनता दल के मूल आदर्शों को तहस नहस करने के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने नाम लिए बगैर तेजस्वी यादव पर सवालों से भागने और जवाब मांगने पर मुंह चुराने का भी आरोप लगाया।
रोहिणी आचार्या की ट्वीट को विरोधि दल जदयू के नीरज ने हाथों हाथ ले लिया। उन्होंने कहा कि पिता को किडनी और भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर आशीर्वाद देने वाली घर की बेटी भी तेजस्वी यादव के कार्यकलापों पर सवाल उठा रही है। लालू यादव नजरबंद बने हैं। बेटी के सवालों पर जवाब देने के बजाए खामोश हैं।