जिस बहन की गोद में खेले तेजस्वी, उसे ही घर से बेदखल कर दिया! गहराती जा रही है आरजेडी की अंदरूनी दरार

Lalu Family Dispute: लालू को किडनी देने वाली, तेजस्वी को गोद में खिलाने वाली रोहिणी आचार्य को अब परिवार से बेदखल कर दिया गया है। लालू परिवार में विवाद की अंदरूनी दरारें बढ़ती ही जा रही हैं।
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तेजस्वी यादव, रोहिणी और मां राबड़ी देवी, फोटो- सोशल मीडिया
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Rohini-Tejashwi Conflict: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की करारी शिकस्त के बाद लालू यादव के परिवार में विवाद खुलकर सतह पर आ गया है। लालू को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी आचार्य ने भाई तेजस्वी यादव का त्याग करने का दावा किया है, जिससे आरजेडी की अंदरूनी दरार और गहरी हो गई है।

आरजेडी की हार के बाद लालू परिवार में कलह की खबर सामने आई है। रोहिणी आचार्य ने पटना एयरपोर्ट पर चौंकाने वाला दावा किया कि उन्हें मारने के लिए घर में चप्पल उठाया गया। उन्होंने भाई तेजस्वी यादव और उनके सहयोगी संजय यादव और रमीज पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

भाई का त्याग कर दिया है: रोहिणी

रोहिणी ने दिल्ली पहुंच कर कहा कि उन्होंने अपने भाई तेजस्वी का त्याग कर दिया है। तेजस्वी की सबसे करीबी बहन मानी जाने वाली रोहिणी आज परिवार और राजनीति दोनों से दूरी बना चुकी हैं। उन्होंने 15 नवंबर की शाम को सोशल मीडिया पर खुद को पार्टी और परिवार से अलग करने का ऐलान कर दिया और उसी शाम पटना छोड़कर दिल्ली चली गईं।

अटूट बंधन की कहानी: शादी के वक्त सिर्फ 13 साल के थे तेजस्वी

रोहिणी आचार्य और तेजस्वी यादव के रिश्ते में आई इस कड़वाहट से पहले, उनके बीच एक गहरा और अटूट भावनात्मक बंधन था। तेजस्वी यादव ने लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान एक चुनावी सभा में खुद इस बात का जिक्र किया था कि वह रोहिणी दीदी की गोद में खेलकर बड़े हुए हैं। उन्होंने बताया था कि माता-पिता के राजनीतिक व्यस्तता के कारण, रोहिणी ही उन्हें खाना खिलाया करती थीं।

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रोहिणी आचार्य ने भी सोशल मीडिया पर अपने और तेजस्वी के बचपन की तस्वीर साझा की थी और इसे अपनी सबसे प्यारी तस्वीर बताया था, जिसमें वह अपने लाडले भाई के साथ खेल रही थीं। यह इतिहास इस बात से भी जाहिर होता है कि जब रोहिणी आचार्य की शादी समरेश सिंह से 24 मई 2002 को हुई थी, उस समय तेजस्वी यादव सिर्फ 13 साल के थे। अब यह रिश्ता टूट चुका है।

हार के बाद सलाहकार टीम पर भड़कीं रोहिणी

लालू परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चुनावी नतीजों के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी तेजस्वी यादव की कोर टीम के कामकाज से बेहद असंतुष्ट थे। इसी असंतोष को लेकर 15 नवंबर की दोपहर तेजस्वी और रोहिणी आचार्य के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। रोहिणी का मानना था कि आरजेडी की हार के लिए तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव और उनकी टीम ही सबसे ज्यादा जिम्मेदार हैं। जब तेजस्वी ने इसका विरोध किया, तो रोहिणी ने उन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जब चुनावी रणनीति से लेकर नियंत्रण तक सब कुछ संजय यादव के हाथ में था, तो हार की जिम्मेदारी भी वही लें।

बहस बढ़ते-बढ़ते रोहिणी ने संजय यादव के साले सुमित को तेजस्वी का पीए बनाए जाने पर आपत्ति जताई। यह बहस इतना उग्र रूप ले गई कि स्थिति चप्पल तक उठाने की नौबत आ गई थी। माहौल खराब होता देख बड़ी बहन मीसा भारती को बीच में आकर हस्तक्षेप करना पड़ा था।

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